आजमगढ़। प्रदेश के टॉप टेन अपराधियों की सूची में शामिल ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटूू सिंह व उसके सहयोगियों पर पुलिस ने धोखाधड़ी कर फार्मेसी कालेज की मान्यता लेने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले में प्रबंध कमेटी के सदस्यों के अलावा उन अधिकारियों को भी नामजद किया गया है, जिनकी रिपोर्ट पर मान्यता दी गई। एसपी ने कुंटू की पत्नी पर भी कार्रवाई करने की बात कही है।
पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह पर जिले में शुक्रवार को फर्जीवाड़े का एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें कुंटू सिंह पर दस्तावेज हेराफेरी करके फार्मेसी कालेज की मान्यता लेने का आरोप लगाया गया है। एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि कुंटू सिंह गैंग डी-11 का लीडर है और जेल में है। उस पर गैंगेस्टर के तहत कार्रवाई चल रही है। कुंटू सिंह खरस्तीपुर गांव में महाविद्यालय चलाता था, जिसे सील कर दिया गया है। इसी भवन पर उसने फार्मेसी कालेज की भी मान्यता दस्तावेजों की हेराफेरी करके ले ली। जांच में फार्मेसी कालेज मिला ही नहीं। जेल में रहते हुए 2016 में कुंटू सिंह ने धोखाधड़ी कर गिरजाशंकर सिंह स्मृति महाविद्यालय के भवन पर ही मां विद्यावती होम्योपैथिक फार्मेसी कालेज की मान्यता भी ले ली। इस फर्जीवाड़े में कुंटू के अलावा प्रबंधक समिति के सदस्य शिव प्रकाश यादव, सचिव बालकरन यादव, कोषाध्यक्ष राजेंद्र यादव, शिवेज कुमार सिंह, मनोज सिंह, अभिषेक सिंह, राम करन सिंह के अलावा फार्मेसी कालेज की मान्यता फाइल पर रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसपी ने बताया कि एक पोस्टर पर इस फर्जी विद्यालय में प्रवेश को लेकर छपे विज्ञापन में कुंटू सिंह की पत्नी वंदना सिंह की भी फोटो लगी है। उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।