जिले में वीबीजी-रामजी हो या पंचायत राज की धनराशि। बिना काम कराए सरकारी धनराशि निकालने में अजमतगढ़ विकास खंड सबसे आगे है। आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) के निर्माण में अजमतगढ़ की चार ग्राम पंचायतों ने 20 लाख रुपये का स्टॉक पेमेंट कर लिया।
इन गांवों में आरआरसी की 84 प्रतिशत तक धनराशि बिना काम शुरू कराए ही निकाल ली गई। वहीं सात ग्राम पंचायतें ऐसी रहीं, जहां 90 से 100 प्रतिशत धनराशि तो निकाल ली गई, पर काम ही पूरा नहीं हुआ।
जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय के अनुसार, अजमतगढ़ की ग्राम पंचायत समुन्दपुर, मोचीपुर, चक अजीज और कोड़रा ग्राम पंचायतों में आरआरसी निर्माण के लिए 25.53 लाख रुपये जारी किए गए। इसमें विभाग समीक्षा करता रहा, उधर ग्राम पंचायतें केवल धनराशि निकालती रहीं।
धरातल पर कोई काम शुरू ही नहीं हुआ और 84 प्रतिशत तक धनराशि बिना एक ईंट रखे ही निकाल ली गई। इसके लिए कंसल्टेंट इंजीनियर ने फर्जी एमबी बनाई और फर्जीवाड़ा करते हुए धनराशि निकालते गए।
जब विभाग की तरफ से इसकी समीक्षा की गई तो यहां काम शुरू नहीं होने के बावजूद बड़ी धनराशि खर्च करने के बावजूद निर्माण शुरू न करने का मामला सामने आया।
डीपीआरओ ने माना है कि इन ग्राम पंचायतों के तत्कालीन व वर्तमान सचिव, निवर्तमान प्रधान/प्रशासक और कंसल्टिंग इंजीनियर ने आरआरसी निर्माण के लिए आवंटित लिमिट का दुरुपयोग कर धनराशि का गबन किया है।
फर्जीवाड़े में तिकड़ी की रही अहम भूमिका
बिना काम शुरू कराए ही 84 प्रतिशत धनराशि का भुगतान करा लेना सीधे स्टॉक पेमेंट की सूची में आता है। इस पूरी प्रक्रिया में विकास खंड मुख्यालय पर तैनात एडीओ पंचायत, ग्राम पंचायतों में तैनात ग्राम सचिव और कंसल्टिंग इंजीनियर घेरे में हैं। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया में ग्राम प्रशासक भी दायरे में हैं। अब जिला पंचायत राज विभाग ने पेंच कसना शुरू कर दिया है।
सात गांवों में ज्यादा भुगतान, मौके पर कम काम
अजमतगढ़ विकास खंड में सात ग्राम पंचायतें ऐसी रहीं, जहां 91 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक भुगतान कर लिया गया, जबकि धरातल पर यहां आधे काम भी पूरा नहीं हो सका था। इसमें सुरैया और इमलीपुर ग्राम पंचायतों में पूरी धनराशि निकाल ली गई, पर काम पूर्ण नहीं हुआ। वहीं, मिश्रपुर, बैरीड़ाड, छतरपुर खुशहाल, सोकहना खालसा, सुंदर सराय बल्लो ग्राम पंचायत में 91 प्रतिशत से अधिक का भुगतान कर लिया गया, पर काम कम हुआ।
बिना काम कराए धनराशि निकालने वाली ग्राम पंचायतें
1- समुंदपुर - 886210 - 714531 - 80.62 - शुरू नहीं
2- मोचीपुर - 514794 - 400975 - 77.89 - शुरू नहीं
3- चक अजीज - 514318 - 433188 - 84.22 - शुरू नहीं
4- कोडरा - 638316 - 460187 - 72.09 - शुरू नहीं
यहां निर्माण कम धनराशि निकली ज्यादा
ग्राम पंचायत - कुल धनराशि - व्यय धनराशि - प्रतिशत - निर्माण की स्थिति
1- मिश्रपुर - 385798 - 356238 - 92.33 - निर्माणाधीन
2- बैरीड़ाड - 426734 - 422805 - 99.07 - निर्माणाधीन
3- इमलीपुर - 363188 - 363188 - 100 - निर्माणाधीन
4- छत्तरपुर खुशहाल - 915100 - 882645 - 94.26 - निर्माणाधीन
5- सोकहना खालसा - 536928 - 489346 - 91.13 - निर्माणाधीन
6- सुरैना - 556682 - 556682 - 100 - निर्माणाधीन
7- सुंदर सराय बल्लो - 614554 - 603479 - 96.06 - निर्माणाधीन
नियम के अनुसार निर्माण कार्य जितना पूरा होता है, उतनी कंसल्टिंग इंजीनियर के एमबी के आधार पर भुगतान किया जाता है। बिना काम शुरू कराए भुगतान कराना अनियमितता की श्रेणी में आता है। अजमतगढ़ की ऐसी चार ग्राम पंचायतें हैं। वहीं सात ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां ज्यादा धनराशि निकाली गई, पर काम कम कराया गया। इस मामले में ग्राम पंचायतें अभिलेख जमा नहीं कर रही हैं। अगर जल्द अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। -कुमार अमरेंद्र, डीपीआरओ।