आजमगढ़। जिले में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय खोले जाएंगे। जिनमें प्री प्राइमरी से कक्षा 12 तक मुफ्त पढ़ाई होगी। नए खुलने वाले प्रत्येक विद्यालयों में निम्न आय वर्ग के 1500 विद्यार्थियों को आधुनिक एवं मॉडर्न शिक्षा दी जाएगी। उक्त विद्यालय को बनाने के लिए जिले चार तहसीलों में भूमि चिह्नित कर राज्य परियोजना निदेशक बेसिक शिक्षा विभाग को डीएम ने प्रस्ताव भेजा है।
जिले में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण का प्रस्ताव है। ये विद्यालय परिषदीय या उच्च प्राथमिक विद्यालयों के कैंपस में ही बनाए जाएंगे। यहां 30 क्लासरूम से युक्त बिल्डिंग बनाई जाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप कक्षा एक से 12 तक की अलग-अलग कक्षाएं यहां चलेंगी। एक विद्यालय का निर्माण लगभग 25 करोड़ की लागत से होगा। यहां डिजिटल एजुकेशन प्लेटफाॅर्म व डिजिटल लर्निंग के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उक्त विद्यालय के निर्माण के लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक की ओर भूमि मांगी गई थी। डीएम रविंद्र कुमार द्वितीय ने मामले को संज्ञान में लेते हुए समस्त तहसील के एसडीएम को भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर चार एसडीएम ने सर्वोपयुक्त भूमि चिह्नित कर उपलब्ध कराया है।
एसडीएम ने उपलब्ध कराई भूमि
डीएम के निर्देश पर एसडीएम निजामाबाद ने मिर्जापुर ब्लॉक के असगड़ा मुस्तफाबाद में 11 हेक्टेयर, सदर तहसील के विकास खंड जहानागंज के सेमा गांव में 2.858 हेक्टेयर, बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के अतरौलिया ब्लॉक के लोहरा में 3.053 हेक्टेयर व फूलपुर तहसील के पवई ब्लॉक के बसही अशरफपुर गांव में 3.083 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर उपलब्ध कराई गई है।
इन विद्यालयों में होंगी ये सुविधाएं
मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय में स्मार्ट क्लास, रोबोटिक्स व मशीन लर्निंग ट्रेनिंग, लैंग्वेज, मैथ्स, साइंस व कंप्यूटर लैब, मल्टीपरपज हॉल, खेलकूद का मैदान, मॉड्यूलर किचन डाइनिंग हॉल के साथ, सीसीटीवी कैमरे, सोलर पैनल जैसी सुविधाएं होंगी।
जिले में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय बनाया जाएगा। इसके लिए चार तहसीलों में भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव बनाकर परियोजना निदेशक को भेजा गया है। बजट मिलने पर जल्द ही मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।- रविंद्र कुमार द्वितीय, जिलाधिकारी आजमगढ़।