हरबंशपुर तिराहे के पार्क में बंद पड़ा फव्वारा।-प्लान खबर की फोटो
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। नगर की सुंदरता में चार चांद लगाने के लिए चौराहों पर फव्वारे लगवाए गए लेकिन अब ये शहर में बीमारी का घर बन गए हैं। लाखों रुपये की लागत से लगे इन फव्वारों के नहीं चलने से इनमें मक्खी, मच्छर और दूसरे जीवाणु पैदा हो रहे हैं। टाइल्स भी देखरेख के अभाव में टूटने लगी हैं। मशीनें भी सड़ने लगी हैं।
नगर पालिका उपकरण खरीदने पर ज्यादा जोर देती है, उनके उपयोग पर कम। इसके सबसे बड़े उदाहरण चौराहों पर लगे फव्वारे हैं। पालिका के गिरजाघर चौराहे, अग्रसेन चौराहा, हर्रा की चुंगी और तिरंगा पार्क में फव्वारे लगवाए हैं। फव्वारों की वजह से चौैराहों की सुंदरता बढ़ गई थी। कुछ दिन चलने के बाद ही सभी फव्वारे बंद हो गए। लाखों रुपयों की लागत से बने इन फव्वारों में कचरा और गंदा पानी भरा है। इससे उनमें मच्छर और दूसरे जीवाणुओं का घर हो गया है। अग्रसेन चौराहे पर दो साल पहले फव्वारा लगा था जो चार दिन से ज्याद नहीं चला। पूर्व जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने अपने कार्यकाल में कई चौराहों को चौड़ा और उनका सुंदरीकरण कराया था। बेलइसा, रेलवे स्टेशन, सर्फुद्दीनपुर, सुखदेव पहलवान तिराहा, बवाली मोड़, करतालपुर, भवरनाथ, जुनेदगंज और हाफिजपुर में विद्यालयों और अस्पतालों के संचालकों से फव्वारे लगवाए। उनके संचालन की जिम्मेदारी भी बनवाने वालोों की हो सौंपी गई थी। उनमें में ज्यादातर बंद ही हैं। नगर पालिका के अफसरों का कहना है कि सारे फव्वारे खराब हो गए हैं और मरम्मत का बजट उनके पास है नहीं।
नगर क्षेत्र में नगरपालिका द्वारा जो फव्वारे लगाए गए हैं। वह सब किसी न किसी खराबी के कारण बंद पड़े हैं। बजट की कमी के कारण इनकी मरम्मत नहीं हो पा रही है। बजट मिलते ही इनकी मरम्मत कराकर इन्हें चालू किया जाएगा।
शुुभनाथ प्रसाद, ईओ नगरपालिका।