चंद्रदेव राम यादव करैली- पूर्व मंत्री
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पूर्व मंत्र्आजमगढ़। बहुजन समाज पार्टी के प्रमुख नेताओं के गिने जाने वाले पूर्व मंत्री चंद्रदेव राम यादव करैली ने बसपा से इस्तीफा दे दिया है। प्रदेश अध्यक्ष को पत्र भेज कर उन्होंने बसपा पर बाबा साहब व कांशीराम के नीतियों से भटकने का आरोप लगाया है।
चंद्रदेव राम यादव बसपा के पुराने कार्यकर्ताओं में शामिल रहे है। 1984 में जब कांशीराम ने बसपा का गठन किया था तब से चंद्रदेव राम जुड़े थे। मुबारकपुर विधानसभा सीट से 2007 के चुनाव में जीतने के बाद वे मायावती सरकार में कैबिनेट मंत्री भी बने। हालांकि मंत्री रहते हुए उनपर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगा। जिसमें उन्हें जेल का भी मुंह देखना पड़ा। पार्टी ने उन्हें सदस्यता से निष्कासित भी कर दिया। 2012 के चुनाव में उनके स्थान पर शाह आलम को टिकट दिया। जेल से छूटने के बाद 2017 के विधान सभा चुनाव में पार्टी ने इन्हें अपना लिया लेकिन मुबारकपुर के बजाय निजामाबाद विधान सभा सीट से मैदान में उतारा, जिसमें इन्हें पराजय का मुंह देेखना पड़ा। 2019 में पार्टी ने इन्हें बहराइच जिले के कैसरगंज लोकसभा सीट से मैदान में उतारा। इस चुनाव में भी वे जीत का स्वाद नहीं चख सके। काफी दिनों से पार्टी में उपेक्षित महसूस किये जाने पर सोमवार को उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। चंद्रदेव राम यादव ने सोमवार को जारी पत्र में आरोप लगाया है कि पार्टी के वर्तमान खेवनहार कांशी राम की नीतियों से इतर कार्य कर रहे हैं। आज पार्टी में दलित, वंचित, गरीब व अल्पसंख्यकों को कोई महत्व नहीं दिया जा रहा है, जबकि इन्हीं के बल पर पार्टी को चार पर प्रदेश में सरकार बनाने का मौका मिला है।