आजमगढ़। कांग्रेस नेता व अधिवक्ता राजनरायन सिंह की हत्या में नामजद पूर्व मंत्री अंगद यादव का नया ठिकाना अब प्रयागराज जनपद स्थित केंद्रीय कारागार नैनी होगा। शासन ने इस बाबत आदेश निर्गत कर दिए है। फिलहाल वे आजमगढ़ जिला कारागार में निरुद्ध है।
19 दिसंबर 2015 को अधिवक्ता व कांग्रेस नेता राजनरायन सिंह की सुबह टहलते समय गोली मार कर बाइक सवार बदमाशों ने हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक राजनरायन सिंह की पत्नी सुधा सिंह ने पूर्व मंत्री अंगद यादव के अलावा बरदह थाना क्षेत्र के सम्मोपुर गांव निवासी सुनील सिंह व कुछ अज्ञात के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी। पहले ही एक हत्या के मामले में सजायाफ्ता घोषित होने के बाद जमानत पर बाहर आए अंगद यादव के लिए अधिवक्ता हत्याकांड में फंसना परेशानी का सबब बन गया। चारो तरफ से गिरने पर इन्होंने मई 2018 में सिधारी थाने पर पहुंच कर समर्पण कर दिया। तब से वे जिला कारागार में निरूद्ध है। जेल में रहते हुए मोबाइल पर ऑनलाइन रहने से लेकर कई प्रकरण ने इन्हें लगातार सुर्खियों में रखा। वहीं जेल में हुए हंगामें में भी इनके शामिल होने की बात सामने आई थी। इसके बाद जेल प्रशासन ने इन्हें अन्यत्र जेल में स्थानांतरित किए जाने को लेकर शासन को पत्र लिखा था। शासन ने शुक्रवार को जारी पत्र में पूर्व मंत्री अंगद यादव को आजमगढ़ जेल से केंद्रीय कारागार नैनी, प्रयागराज भेजे जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। वहीं वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्रा ने बताया कि अभी शासन का आदेश मिला नहीं है, लेकिन पूर्व मंत्री को स्थानांतरित किए जाने के लिए पत्र शासन को काफी पहले ही भेजा गया था।