आजमगढ़। नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) के चिकित्सकों को सोमवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार में कोविड-19 का प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य प्रशिक्षक डॉ. शिवाजी सिंह ने कहा कि आज के समय में जब कोरोना मरीज हमारे आसपास के मुहल्ले में भी हो गए हैं, ऐसे में हर चकित्सक का दायित्व और भी बढ़ जाता है। सभी चिकित्सकों को चाहिए कि कोविड-19 के सारे प्रोटोकॉल का पालन स्वयं भी करें और अपने आसपास के लोगों से भी कराए।
मुख्य रूप से थर्मल स्क्रीनिंग, प्रॉपर सैनिटाइजेशन, मास्क का इस्तेमाल और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करके ही हम खुद को और दूसरों को बचा सकते हैं। एल-1, एल-2 और एल-3 हॉस्पिटल के बारे में भी विस्तार से बताया। कोरोना की जांच के बारे में भी विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही पीपीई किट पहनने से पहले और उतारने के समय की सावधानी को उन्होंने प्रमुखता से समझाया। अंत में हैंड हाइजीन के तहत हाथों धुलने के लिए ‘सुमन के’ तकनीक के बारे में बताया। नीमा अध्यक्ष डॉ. डीडी सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। डॉ. वीएस सिंह, डॉ. वीके सिंह, डॉ. पीएन मिश्रा, डॉ. एके बरनवाल, डॉ. डी दूबे, डॉ. डीपी सिंह, डॉ. विष्णु कुमार, डॉ. आरपी सिंह, डॉ. प्रमोद सिंह, डॉ. अबु शहमा खान, डॉ. अजीम अहमद, डॉ. नोमान अहमद, डॉ. उमेश पाण्डेय, डॉ. नईम अहमद, डॉ. देवाशीष शुक्ला, डॉ. पवन पाण्डेय, डॉ. एससी राय आदि थे।