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आजमगढ़ में उमड़ा आस्था का सैलाब : कार्तिक पूर्णिमा पर मठ-मंदिरों में हुआ पूजन, सुरक्षा को तैनात रही पुलिस

Fri, 15 Nov 2024 11:59 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

Azamgarh News : कार्तिक पूर्णिम के अवसर पर आजमगढ़ में भी आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा था। मठों और मंदिरों में भक्तों ने मत्था टेका। वहीं तमसा तट पर स्नान-दान का दौर चला। सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन की टीम जगह-जगह तैनात रही।
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आजमगढ़ में तमसा तट पर स्नान करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कार्तिक पूर्णिमा पर जिले के पवित्र नदियों के संगम और सरोवरों में हजारों लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान दुर्वासा, भैरवनाथ, अवंतिकापुरी धाम पर मेला लगा और लोगों ने स्नान-ध्यान के बाद जमकर खरीदारी की। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ड्रोन कैमरे से भी निगरानी करा रही है। वहीं जगह-जगह पुलिस बल तैनात किए गए हैं।

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दुर्वासा धाम स्थित तमसा और मंजूसा नदियों के संगम में स्नान के लिए एक दिन पहले ही जुटान हो गई थी और शुक्रवार को भोर से ही लोगों ने स्नान शुरू किया तो अनवरत जारी रहा। स्नान के बाद लोगों ने मेले का आनंद लिया। वहीं भैरव धाम स्थित पवित्र सरोवर में हजारों भक्तों ने डुबकी लगाकर बाबा भैरवनाथ का दर्शन-पूजन किया। 
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स्नान के पश्चात फूल, माला, बताशा, नारियल, चुनरी, काली मिर्च, हलवा-पूरी, अगरबत्ती आदि बाबा के चरणों में अर्पित कर पूजा-अर्चना किया। परिसर में लगे मेले में लोहे और लकड़ी के कृषि यंत्रों, खिलौने, सौंदर्य प्रसाधन व चटपटे व्यंजनों तथा मिठाइयों की खूब खरीदारी हुई। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल अवंतिकापुरी में दिन निकलने के साथ लोगों ने 84 बीघे में फैले पवित्र सरोवर में डुबकी लगाई। 
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इस दौरान आसपास के मंदिरों में घंट-घड़ियाल की गूंज होती रही। यहां स्नान का अलग ही महत्व है। मान्यता के अनुसार राजा जन्मेजय ने यहीं पर सर्प वंश के विनाश के लिए यज्ञ किया था। यहां स्नान के बाद खिचड़ी दान की परंपरा के कारण लोगों ने गरीबों को कच्ची खिचड़ी का दान किया। अवंतिका सेवा समिति के सदस्य श्रद्धालुओं के सहयोग में लगे रहे।

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