घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार कई दिनों से हो रही बढ़ोत्तर अब कम हो गई है। नदी का पानी घटना से अब कटान तेज हो गई है। रविवार को कृषि योग्य भूमि के तेजी से नदी में मिलने से क्षेत्र के करीब आधा दर्जन से अधिक गांव वालों की बेचैनी बढ़ गई है। लोग परेशान और भयभीत हैं। वहीं प्रशासन की तरफ से कटान रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किया जा सका है।
सगड़ी तहसील के उत्तर तरफ बहने वाली घाघरा नदी बारिश के मौसम में क्षेत्रवासियों पर कहर ढाने का काम करती है। बीते कुछ दिनों से लगातार होने वाली बारिश के चलते घाघरा का जलस्तर काफी बढ़ गया था। लेकिन बारिश रुकने के साथ ही जलस्तर भी कम होने लगा।
स्वभाव के मुताबिक घाघरा का जलस्तर कम होने के बाद कटान तेज हो गई है। क्षेत्र के महेश यादव, राजू यादव, रामधारी, विनोद आदि का कहना है कि नदी के तेज बहाव के चलते महुला, छितौनी, बगहवा, अचलनगर, देवारा गरीब दूबे आदि गांव की खेती योग्य जमीनें कटकर नदी के तेज धारा में बह जा रही है। किसान का कहना है कि जल्द रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में नदी खेतों को काटकर आबादी को लीलना शुरू कर देगी।
तहसीलदार सगड़ी शिवधर चौरसिया ने कहा कि लेखपाल से जांच कराकर पीड़ित किसानों को उचित मुआयना दिलाया जाएगा। बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटान रोकने के उपाय करने का निर्देश दिया गया है।