आजमगढ़। मंडलायुक्त वीवी पंत की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंडलायुक्त सभागार में शासन की सर्वोच्च विकास प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों एवं कर करेत्तर वसूली एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। जिसमें उन्होंने सभी सीडीओ को निर्देश दिया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा जनपदवार 100 दिनों की जो कार्ययोजना तैयार की गयी है उसे प्राप्त कर कार्यों को पूर्ण करने के लिए टाइमिंग फिक्स करें।
उन्होंने कहा कि टाइमलाइन आगामी बरसात के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए बनाई जाय। कार्य पूर्ण करने के लिए जो समयावधि निर्धारित की जाए यथासंभव प्रयास कर कार्य को पहले ही पूर्ण कर लें। उन्होंने आगाह किया कि यदि निर्धारित अवधि में कार्य अपूर्ण रह जाता है तो बाद में बारिश का कोई इश्यू नहीं सुना जाएगा, बल्कि सीधे तौर पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। निर्माणाधीन सेतुओं की समीक्षा में कहा कि यदि पहुंच मार्ग के लिए भूमि का कोई प्रकरण लंबित है तो तत्काल उसका निराकरण करा लें। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में पाया कि आशाओं द्वारा भरे जाने वाले एचबीएनसी फार्मेट की छपाई जनपद आजमगढ़ एवं बलिया में विगत कई माह से लंबित है। यूनिसेफ के प्रतिनिधियों द्वारा अवगत कराया गया कि तीनों जनपद में बहुत कम आशाओं के पास थर्मामीटर उपलब्ध है, तीनों जनपदों सीएचसी एवं पीएचसी पर भी थर्मामीटर के साथ कई उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा प्रधानमन्त्री सुरक्षित मातृत्व लाभ योजना सहित कई अन्य कार्यक्रमों की प्रगति भी काफी खराब है। मंडलायुक्त ने असंतोष व्यक्त करते हुए एचबीएनसी फार्मेट की तत्काल प्रिंटिंग कराने के साथ ही आगामी बैठक तक अपेक्षित सुधार लाने का निर्देश दिया। तीनों जनपद के सीएमओ को आगाह किया कि यदि इंगित बिंदुओं पर तत्समय तक सुधार नहीं पाया जाता है तो संबंधित सीएमओ के विरुद्ध नॉट फिट फार सीएमओ की संस्तुति शासन को भेज दी जायेगी।
मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा बताया गया कि वर्तमान में आजमगढ़ में 38 हजार, मऊ में 32 हजार एवं बलिया में 30 हजार मनरेगा मजदूर लगाये गये हैं। जिसे बढ़ाने का निर्देश दिया। बाढ़ नियंत्रण एवं नहरों की सिल्ट सफाई के समीक्षा में कहा कि सिल्ट सफाई के में कतिपय स्तरों से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने आगाह किया कि जहॉ गत वर्षों में बाढ़ हाई थी यदि इस वर्ष वहॉं बाढ़ आती है तो संबंधित का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा। इस मौके पर डीएम आजमगढ़ विशाल भारद्वज, डीएम मऊ अरुण कुमार, डीएम बलिया इंद्र विक्रम सिंह, अपर आयुक्त व संयुक्त विकास आयुक्त हंसराज, सीडीओ आजमगढ़ आनंद कुमार शुक्ला, सीडीओ मऊ रामसिंह वर्मा, वन संरक्षक डा. बीसी ब्रम्हा आदि उपस्थित थे।