आजमगढ़। एडी बेसिक कार्यालय से एक ही पत्रांक और तिथि पर जारी प्रशिक्षण मुक्ति के आदेश में मामले में पत्रांक संख्या 2883-86 पर छह शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण मुक्ति के आदेश को सही माना गया है।
इसके साथ ही पत्रांक संख्या 2883-87 पर हरिजन बाल विद्यामंदिर सैदपुर के तैनात पांच शिक्षकों को जारी किया गया प्रशिक्षण मुक्ति के आदेश के सत्यापन से इंकार कर दिया है। इससे इन पांच शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
गेंद अब समाज कल्याण अधिकारी के पाले में है, क्योंकि आदेश के फर्जी साबित होने के बाद इन पर उन्हें कार्रवाई करनी होगी। फिलहाल उन्होंने एडी बेसिक के आदेश से अनभिज्ञता जताई है।
जिले में समाज कल्याण विभाग के 83 विद्यालय संचालित हैं। वर्ष 1988 के बाद ये विद्यालय अनुदानित होने शुरू हुए थे। उस समय इन स्कूलों में दसों साल से ऐसे कई शिक्षक कार्यरत थे जिनकी योग्यता आठवीं या दसवीं पास थी।
ये अप्रशिक्षित थे। ऐसे शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण एवं अध्यापन में निपुण शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण मुक्ति प्रमाण-पत्र देने की योजना शुरू की गई। इसे प्राप्त करनेवाले मानक के मुताबिक पूरा वेतन पाने के हकदार थे।
इस मौके का फायदा उठाते हुए विभागीय सांठगांठ से कूटरचित अभिलेख बनाकर कई विद्यालयों के प्रबंधकों ने लंबा वारान्यारा किया।
ऐसे ही एक मामले की शिकायत जुलाई 2016 में भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के सदस्य अरुण कुमार सिंह ने तत्कालीन जिलाधिकारी से शिकायत कर बताया था कि एडी बेसिक के कार्यालय से निर्गत एक ही पत्रांक और दिनांक पर जारी दो प्रशिक्षण मुक्ति आदेश में एक फर्जी है।
मामले की पहले भी शिकायत करने पर समाज कल्याण अधिकारी की ओर से फर्जी आदेश पर तैनात शिक्षकों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत के बाद कमिश्नर के. रविंद्र नायक ने एडी बेसिक को तलब कर दोनों आदेशों का सत्यापन कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। एडी बेसिक योगेंद्र कुमार ने सत्यापन के बाद 2883-86 पत्रांक पर जारी छह शिक्षकों की प्रशिक्षण मुक्ति को सही बताया गया है।
साथ ही कार्यालय में अभिलेख नहीं होने पर पत्रांक संख्या 2883-87 पर हरिजन बाल विद्यामंदिर सैदपुर के तैनात पांच शिक्षकों की प्रशिक्षण मुक्ति के आदेश को सत्यापित करने से इंकार कर दिया है।
सत्यापन की रिपोर्ट संबंधित स्कूलों और समाज कल्याण अधिकारी को भेजने के साथ कमिश्नर को भी रिपोर्ट से अवगत करा दिया गया है। पत्रांक संख्या 2883-87 पर जारी प्रशिक्षण मुक्ति का आदेश फर्जी होने के बाद हरिजन बाल विद्यामंदिर सैदपुर के पांचों शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
गेंद अब समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह के हाथ में है। अब मामले में कार्रवाई उन्हें करनी है। हालांकि वो एडी बेसिक की रिपोर्ट मिलने से इंकार कर रहे हैं।
एडी बेसिक की ओर से मामले की रिपोर्ट सौंप दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। साथ ही शासकीय धन के हुए गबन की रिकवरी कराई जाएगी।
के. रविंद्र नायक, कमिश्नर