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पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होंगे पांच धर्मस्थल

Sun, 15 Oct 2017 12:03 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
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सनगाड़ मंदिर में पूजा करने वालों की भीड़। - फोटो : amar ujala
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आजमगढ़। जिले के पांच धर्मस्थलों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए मंत्रालय की ओर से 3.44 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। संयुक्त निदेशक पर्यटन की ओर से डीएम को भेजे पत्र में इन धर्मस्थलों पर विकास के लिए भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया है।  
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लालगंज से भाजपा सांसद नीलम सोनकर की ओर से केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को जिले के धार्मिक स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। पर्यटन मंत्रालय ने बाबा भगवानदास मेहमौनी, बुढ़िया माता मंदिर जगदीशपुर (फूलपुर), मौनी बाबा की कुटिया गहजी, पातालपुरी महादेव मंदिर दिग्धरपुर शिव मंदिर तारा बाबा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए मंजूरी दे दी है।

प्रत्येक पर्यटन स्थल के विकास लिए 68.79 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृति की गई है। इससे यहां पर रेन सेल्टर, सोलर लाइट, हैंडपंप, घाट निर्माण, बेंच, डस्टबीन, साइनबोर्ड और संकेतक आदि की व्यवस्था कराई जाएगी।
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संयुक्त निदेशक पर्यटन पीके सिंह को जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय के स्प्रिचुअल सर्किट-3 योजना के तहत इसको मंजूरी दी गई है। साथ ही जिलाधिकारी से इसके तहत प्रस्तावित विकास कार्यों के क्रियान्वयन के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया है।

जिलाधिकारी ने इन विकास कार्यों के क्रियान्वयन के लिए सीआरओ को नोडल अधिकारी नामित किया है। विकास के लिए भूमि नि:शुल्क उपलब्ध करानी है। सीआरओ ने इस मामले में सभी एसडीएम को पत्र भेजकर रिपोर्ट मांगी है।  

आस्था के केंद्र हैं ये धर्मस्थल
आजमगढ़। पर्यटन मंत्रालय की ओर से चयनित बाबा भगवानदास मेहमौनी, बुढ़िया माता मंदिर जगदीशपुर (फूलपुर), मौनी बाबा की कुटिया गहजी, पातालपुरी महादेव मंदिर दिग्धरपुर और शिव मंदिर तारा बाबा लोगों के आस्था के केंद्र हैं। यहां रोजाना सैकड़ों श्रद्धालुओं को जमावड़ा लगा रहता है।

विशेष पर्वों पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रहती है। पर्यटन स्थल के रूप में इनका विकास होने से श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मिलेगी। घाट, बिजली, बेंच और पानी की व्यवस्था होने से श्रद्धालुओं की परेशानी कम होगी। संकेतक और साइनबोर्ड लगने से दूर के श्रद्धालुओं को यहां पहुंचने में आसानी होगी।

धर्मस्थलों के विकास के लिए सांसद नीलम सोनकर की ओर से प्रस्ताव भेजा गया था। पर्यटन मंत्रालय की ओर से इसके लिए जमीन उपलब्ध कराने को पत्र आया है। इसके लिए सीआरओ को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जमीन उपलब्ध कराने के लिए कार्यवाही शुरू कर दी गई है। चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी
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