मझौवां/दयाछपरा। गंगा नदी अपने रौद्र रूप थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को नदी के आधा सेमी घटाव पर होने से बाढ़ पीड़ितों ने राहत की सांस ली है लेकिन चक्की नौरंगा में गंगा की लहरों में 4 पक्का व 1 कच्चा मकान समा गया। एकराम राम, परमीन राम, फुलवंती देवी, लखपतियां देवी, फुलेना देवी का घर देखते ही देखते नदी में विलीन हो गया।
चक्की नौरंगा से बक्सर कोइलवर सम्पर्क मार्ग को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है, जिससे यूपी और बिहार के लोगों का आवागमन बंद हो चुका है। अब तक चक्की नौरंगा में 116 मकान गंगा के शिकार हो चुकी है जिसमें 107 पक्का व 9 कच्चा शामिल है। आज भी लगभग 50 हजार की आबादी बाढ़ से ग्रस्त हैं।
नीचे गंगा नदी का पानी व ऊपर से इंद्र का कहर जारी रहा। पीड़ित अखिलेश, अभय ठाकुर, मनोज ठाकुर, सुनील ठाकुर, जग ठाकुर, संजय चौधरी, विनोद ठाकुर, रवीन्द्र ठाकुर, राजकुमारी देवी ने बताया कि हम लोगों का गांव बिखर चुका है। केन्द्रीय जल आयोग गेज पर शुक्रवार की शाम 4 बजे गंगा का जलस्तर 59.460 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 57.615 मीटर से 1.845 मीटर ऊपर है। नदी का पानी आधा सेमी प्रति घंटे की दर से घटाव पर रहा।
कटान से निजात को ग्रामीणों ने गंगा का किया पूजन-अर्चन, उतारी आरती : मझौवां। चक्की नौरंगा गांव में शुक्रवार को महत्वपूर्ण धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामवासियों ने गंगा नदी के कटान से निजात पाने के लिए गांव में स्थित शिव मंदिर पर आचार्य पंडित ऋषिकेश चतुर्वेदी एवं ओमप्रकाश चतुर्वेदी (गोलू) की मौजूदगी में विधि विधान से रुद्राभिषेक कर हवन पूजन किया गया। इसके बाद गंगा मां को दूध का अभिषेक कर पूजन अर्चन किया। पूर्व प्रधान राजमंगल ठाकुर के नेतृत्व में गांव को कटान से निजात दिलाने के लिए गंगा आरती का आयोजन भी किया गया। इस मौके पर राजमंगल ठाकुर, विनोद ठाकुर, विनोद पाण्डेय, रामजी ठाकुर, मनोज ठाकुर, नर्वदेश्वर चौबे, अखिलेश ठाकुर, व बृजबली ठाकुर आदि लोग मौजूद थे।
जलप्रोत खराब होने से बाढ़ पीड़ितों को दिक्कत : दया छपरा। बाढ़ के समय में गंगा उस पार नौरंगा भुवाल छपरा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों को आने-जाने के लिए सरकार की तरफ से एक जलपोत की व्यवस्था की गई थी। इसइसे नौरंगा भुवाल छपरा के लोग सुबह 10 बजे इस पार दया छपरा, दुबे छपरा व हुकुम छपरा आते थे और शाम को 4 बजे लेकर जाता था। बुधवार की सुबह से ही खराब होने के कारण खड़ी हो गई है। इसके कारण बाढ़ प्रभावित लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। नौरंगा भुवाल छपरा निवासी रमाकांत ठाकुर, अक्षय चौबे ,राजू ठाकुर , अमर नाथ मिश्र आदि ने कहा कि चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात वाली कहानी हम लोगों पर सटीक बैठ रही है।