सगड़ी। प्रशासन की ओर से अजमतगढ़ स्थित ताल सलोना की नीलामी किए जाने से नाराज मछुआरों ने शनिवार को सगड़ी तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। मछुआरों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और नीलाम नहीं होने देने की मांग की। तहसीलदार ने मछुआरों को ताल सलोना की नीलामी नहीं होने का आश्वासन दिया।
मछुआरों का कहना था की ताल सलोना में मत्स्य पालन करके हम लोग अपनी जीविका चलाते हैं और यही मुख्य जीविका का स्रोत है। जमींदारी उन्मूलन के पूर्व हम निषाद समाज के लोग कस्टमरी राइट के तहत ताल में मत्स्य, आखेट, कमलगट्टा , बेरा, सेरूकी, तीना आदि प्राकृतिक फसलों के उत्पादन का उपयोग जमाने से बिना रोक-टोक के करते आ रहे हैं। उसके एवज में ग्राम सभा को लगान भी जमा करते आ रहे हैं। आजादी के बाद से अब तक शासन-प्रशासन और ग्राम सभा द्वारा कभी भी ताल सलोना का पट्टा नीलामी नहीं किया गया। इस नीलामी से निषाद समाज काफी आहत है। प्रशासन द्वारा की जा रही नीलामी के निर्णय से काफी जनाक्रोश है यदि ताल सलोना की नीलामी हुई तो हजारों परिवारों की रोजी-रोटी छिन जाएगी तथा भुखमरी पैदा हो जाएगी । ऐसी स्थिति में निषाद समाज सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। ग्राम प्रधान रमेश निषाद ने कहा कि मूल रूप से ताल सलोना ही हम लोगों की जीविका है इसी से हम लोगों की रोजी-रोटी चलती है। तहसीलदार सगड़ी बृजेंद्र उपाध्याय ने बताया ताल सलोना की नीलामी नहीं की जाएगी। ताल सलोना के कुछ भागों की नीलामी होनी थी उस नीलामी को भी निरस्त कर दिया गया है। अब ताल सलोना से संबंधित कोई नीलामी नहीं होगी। इस मौके पर रमेश निषाद, बहादुर निषाद, पवन निषाद, रतन निषाद, प्रकाश रामधारी, घनश्याम लल्लन, निषाद प्रमोद, रामसमुझ निषाद, राम दुलारे निषाद, चंदन निषाद, सुरेंद्र निषाद, अनिल निषाद आदि उपस्थित थे।