आजमगढ़। पराली जलाने पर प्रतिबंध लगने के बाद जनपद में कार्रवाई निरंतर जारी है। जनपद में अब तक 55 घटनाएं सामने आईं जिसमें 50 किसानों पर एफआईआर दर्ज कराते हुए 36 किसानों से अर्थदंड की वसूली कर ली गई है।
प्रदूषण को रोकने के लिए पराली जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पराली जलाने पर एफआईआर के साथ ही अर्थदंड की वसूली का भी प्रावधान है। इसके बाद भी जनपद में किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। पराली जलाने की निगरानी इस बार सैटेलाइट से की जा रही है। सैटेलाइट से खिंची गई तस्वीर के आधार पर पराली जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही अर्थदंड लगाया जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी डा. उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जनपद में 55 पराली जलाने की घटनाओं में अब तक 50 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए 36 किसानों से अर्थदंड की वसूली की जा चुकी है। 21 नवंबर को फसल अवशेष जलाए जाने के आरोप में राजाराम, श्याम नारायण, देवनारायण, शिव नारायण ग्राम सरावां के विरुद्घ बरदह थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं जगदीश सिंह, रमाकांत, रणधीर, जयंत निवासी ओझौली के खिलाफ मुबारकपुर थाने और इलियास, सर्फुद्दीन, मुहम्मद अजमल, मुबारक अली, मुहम्मद हनीफ, किस्मतुलनिशा, सहरून निसां के विरुद्घ देवगांव कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा कंतू, निहुरी, महेश के विरुद्घ जहानागंज, जगदीश, रमाकांत, रणधीर और जयंत के विरुद्घ मुबारकपुर थाने के साथ ही सुल्तान व सउद ग्राम कोटिला के खिलाफ रानी की सराय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इन कृषकों से क्षेत्रफल के आधार पर अर्थदंड की वसूली भी की जाएगी।