मुबारकपुर पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर दो लोगों के खिलाफ मां के जेवर लेकर रकम उठाने और बाद में उन्हें वापस करने से मुकरने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।
आरोप है कि करीब तीन वर्ष पहले एक महिला ने शिकायतकर्ता की मां से यह कहकर जेवर लिए थे कि उसका पति जेल में बंद है और उसे पैसों की जरूरत है। रकम मिलने के बाद जेवर वापस करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में जेवर लौटाने से इनकार कर दिया।
शिकायतकर्ता की मां के पास 30 ग्राम सोने की करधन और करीब 300 ग्राम चांदी के जेवर थे। आरोपी महिला ने आर्थिक जरूरत बताते हुए काफी अनुरोध किया, इसके बाद शिकायतकर्ता की मां ने भरोसा करते हुए अपने जेवर उसे दे दिए।
आरोपी ने जेवर गिरवी रखकर रुपये लेने और पति के जेल से बाहर आने के बाद जेवर वापस करने की बात कही थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब भी उसने अपनी मां के जेवर वापस मांगे तो आरोपी महिला और उसके पति ने टालमटोल किया।
बाद में दोनों ने जेवर वापस करने से साफ मना कर दिया और कथित तौर पर धमकी दी कि वे किसी भी कीमत पर जेवर वापस नहीं करेंगे।जेवर वापस न मिलने पर शिकायतकर्ता ने स्थानीय पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर उसने न्यायालय की शरण ली।
जून माह में पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर बातचीत की थी। इस दौरान आरोपी पक्ष ने शिकायतकर्ता की मां के जेवर अपने पास होने की बात स्वीकार करते हुए 28 जून तक जेवर वापस करने की बात कही थी।
आरोप है कि समझौते की समय सीमा बीतने के बाद भी जेवर वापस नहीं किए गए। शिकायतकर्ता ने दोबारा पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन कार्रवाई न होने पर एसपी को भी प्रार्थना पत्र दिया। सुनवाई न होने पर न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया।
थाना प्रभारी शशिचंद चौधरी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की विवेचना के लिए उपनिरीक्षक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।