आजमगढ़। डीएम एनपी की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय पर एलओबी के शौचालय की धनराशि को लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरण के संबंध में एडीओ पंचायत की बैठक हुई। डीएम ने कड़े निर्देश दिए कि जिन सचिवों की ओर से 14 अक्टूबर तक लाभार्थियों के खाते में शौचालय की धनराशि अंतरित नहीं की जाती है, तो उनके खिलाफ शासकीय योजनाओं में बाधा पहुंचाने व लाभार्थियों से अवैध वसूली का प्रयास किए जाने के आरोपों में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
सामुदायिक शौचालयों की समीक्षा में निर्देंश दिए कि ग्रामीण बाजार और उन मजरों को चिह्नित किया जाए, जहां दलित, शोषित, अल्पसंख्यक समुदाय के लोग निवास करते हों। उनके पास स्वयं के शौचालय बनवाने के लिए भूमि उपलब्ध न हो। ऐसे स्थलों का चिह्नांकन आबादी के नजदीक कराएं। ताकि इन मजरों एवं बाजारों को भी खुले में शौच मुक्त कराया जा सके। चेतावनी दी कि जिन प्रधान, सचिव व लाभार्थियों द्वारा शौचालय निर्माण में जानबूझकर विलंब किया जाएगा, उनके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सालिड वेस्ट मैनेजमेंट) के लिए सोक-पिट, कम्पोस्ट पिट व अन्य का सर्वेक्षण रिपोर्ट तत्काल जमा कराने व कार्य कराये जाने के लिए सहायक विकास अधिकारियों को निर्देशित किया। क्लस्टर की ग्राम पंचायतों में तैनात सभी सचिवों का प्रभार 14 अक्टूबर तक हस्तांतरण कराकर एडीओ पंचायत 15 अक्टूबर तक प्रभार हस्तांतरण का प्रमाण-पत्र डीपीआरओ को उपलब्ध कराएंगे। न करने पर संबंधित सचिव के विरुद्ध जिला पंचायतराज अधिकारी कार्रवाई करेंगे। पीएफएमएस के माध्यम से ग्राम निधि प्रथम के खाता संचालन के लिए आवश्यक डीएससी इनीशिएट (क्रियाशील) किए जाने के लिए 17 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की गई है। डीपीआरओ श्रीकांत दर्वे आदि थे।