आजमगढ़। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम के निर्देश पर हरैया विकास खंड के देवारा खास राजाए जहानागंज विकास खंड के सेवटा और जहानागंज विकास खंड के ही कोइलारी उम्मरपुर गांव में हुए विकास कार्यों की जांच कराई गई। जांच में गबन की पुष्टि होने पर डीएम ने देवारा खास राजा और सेवटा गांव के ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करने के साथ ही कोइलारी उम्मरपुर के ग्राम प्रधान को गबन की पुष्टि होने पर कारण बताओ नोटिस जारी की गई। जिसमें उनसे 15 दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
टुकड़ों में विभक्त कर कराया कार्य
आजमगढ़। हरैया विकास खंड के देवारा खास राजा गांव में मनरेगा कार्य में धांधली की शिकायत डीसी मनरेगा बीबी सिंह द्वारा की गई। जांच में उन्होंने पाया कि ग्राम प्रधान द्वारा मनरेगा के तहत दो कार्यस्थलों पर बंधा निर्माण कार्य पर 68 श्रमिक व इंटर लाकिंग कार्य पर आठ श्रमिक लगे होने पाए गए। उनके द्वरा कुल 2684 श्रमिकों के नाम पर शासकीय धनराशि के व्यवहरण के दुप्रयास की बात कही। पालिकी का पूरा में बंधा निर्माण के कार्य जो लगभग 3000 मीटर था उसे 20 टुकड़ों में विभक्त कर कराया गया है। इस पर कुल 137.50 लाख की वित्तीय प्रशासनिक स्वीकृति अनियमित तरीके से प्राप्त की गई। इसी तरह से गांव में 400 मीटर सीसी रोड के निर्माण को भी चार भागों में बांटकर 18 लाख रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति अनियमित तरीके से प्राप्त की गई। इन सभी पर ग्राम प्रधान द्वारा प्राप्त स्पष्टीकरण से संतुष्ट न होने पर डीएम एनपी सिंह ने ग्राम प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों को सीज करते हुए ग्राम पंचायत के कार्यों को संपादित करते हुए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया। साथ ही जिला समाज कल्याण अधिकारी और सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को जांच अधिकारी नामित करते हुए एक पक्ष में जांच आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
केस दो
शौचालय का धन दिया अपात्रों को
आजमगढ़। जहानागंज विकास खंड के सेवटा गांव निवासी डा. देवेंद्र कुमार पांडेय ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपा था। जिसमें उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत गांव में अपात्रों को शौचालय की धनराशि आवंटित करने का आरोप लगाया था। डीएम के निर्देश पर अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, तहसीलदार सद और अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग सठियांव से जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में 13 लोगों को गलत शौचालय की धनराशि जारी करने की बात पुष्ट हुई। इस पर ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ। ग्राम प्रधान के स्पष्टीकरण से संतुष्ट न होने पर डीएम ने उसके वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगाते हुए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन ग्राम पंचायत के विकास कार्यों को कराने के लिए किया। इस मामले में डीएम की ओर से अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और सहायक अभियंता जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को अंतिम जांच अधिकारी नामित करते हुए एक पक्ष में आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
केस तीन
विभिन्न कार्यों में मिली 389604 रुपये की अनियमितता
आजमगढ़। जहानागंज विकास खंड के कोइलारी उम्मरपुर गांव निवासी भूपति राय ने डीएम को पत्र देकर गांव में हुए विकास कार्यों में धांधली की शिकायत की थी। इस शिकायत पर जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी जहानागंज और अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग जहानागंज द्वारा इसकी जांच की गई। जांच में टीम ने तीन लाख 89 हजार 604 रुपये के अनियमित भुगतान की पुष्टि की थी। टीम द्वारा इस मामले में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी और तकनीकि सहायक से बराबर-बराबर रकम के वसूली की संस्तुति की गई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर डीएम की ओर से ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिसमें उनसे 15 दिन के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही डीएम ने चेतावनी दी है कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं हुआ तो उनके विरुद्घ उप्र पंचायत राज की धारा 95(एक) छह के तहत कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी।