आजमगढ़। पवई थान क्षेत्र के मित्तूपुर और आसपास के अन्य ग्रामों में जहरीली शराब से मौत का मामला आखिरकार पुलिस महकमे ने स्वीकार ही कर लिया। अब तक जिले में जहरीली शराब प्रकरण को सिरे से नकार रहे एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को एसओ पवई, चौकी प्रभारी मित्तूपुर व बीट कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। अभी इनके स्थान पर किसी और की तैनाती नहीं की गई है।
बीते रविवार से मित्तूपुर में जहरीली शराब से मौत का मामला चल रहा है। मंगलवार को स्वयं एसपी सुधीर कुमार सिंह भी पांच घंटे क्षेत्र में रहे। जहरीली शराब से 17 लोगी की मौत हुई थी लेकिन एसपी ने मुख्यालय आने पर जिले में जहरीली शराब से एक भी मौत न होने की बात कहते हुए पूरे प्रकरण को ही छिपाने की कवायद शुरू कर दी। बुधवार को जिलाधिकारी ने लेखपाल के माध्यम से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने के नाम पर कागज पर अंगूठा लगवाकर हस्ताक्षर करा लिया। जिस पर लेखपाल ने मौत का कारण शराब के बजाय सर्दी-खांसी बुखार अंकित किया था। अमर उजाला ने इस प्रकरण को प्रमुखता से प्रक्रािशत किया तो बृहस्पतिवार को एसपी ने एसओ पवई अयोध्या तिवारी, मित्तूपुर चौकी प्रभारी अरूण कुमार सिंह व बीट कांस्टेबल राजकिशोर को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। एसपी ने इस कार्रवाई में पड़ोसी जनपद अंबेडकरनगर को जोड़ा और कहा कि 11 मई को अंबेडकरनगर के जैदपुर थाना क्षेत्र में जहरीली शराब से पांच की मौत हुई थी। जैदपुर थाने में मुकदमा पंजीकृत हुआ था। जिसकी विवेचना में यह बात प्रकाश में आयी थी कि मित्तूपुर में ठेके के पास से ही अवैध शराब कारोबारी द्वारा शराब बेची जा रही थी, जिसे पीने से ही अंबेडकरनगर में पांच मौत हुई है। इसके बाद भी एसओ पवई, चौकी प्रभारी मित्तूपुर व बीट कांस्टेबल ने कोई कार्रवाई नहीं किया और निष्क्रिय बने रहे। जिसके चलते इन्हें निलंबित किया गया।