सगड़ी के शाहडीह से एमजी बांध के संपर्क मार्ग में पानी से भरे नाले को पार करते ग्रामीण।
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आजमगढ़। विगत तीन दिनों से घाघरा नदी के जलस्तर में कमी देखने को मिल रही है। जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गई है। जिससे लोगों में भय व्याप्त हो गया है। वहीं कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है। गांव के लोगों केे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
हरैया विकासखंड के शाहडीह गांव के पास घाघरा नदी की छोटी शाखा बहती है। जिसमें इस समय पानी भरा हुआ है। लोगों के आवागमन के लिए यहां पर नाव लगाई जाती है लेकिन इस वर्ष अभी तक नाव नहीं लगाई गई है। जिसके कारण लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जलस्तर घटने के साथ घाघरा नदी की कटान तेज हो गई है। लगभग दो दर्जन घर कटान की जद में आ गए हैं। मुरारी का पुरवा नई बस्ती, त्रिलोकी का पुरवा नई बस्ती और राम अवध का पुरवा कटान की जद में हैं। यह दोनों पुरवे देवारा खास राजा गांव के हैं। यह लोग 2017-18 में कटकर यहां विस्थापित हुए हैं। इसके पहले भी मुरारी का पुरवा कट कर दूसरे जगह विस्थापित हुआ था और अब तीसरी बार घाघरा नदी के कटान के मुहाने पर है। बदरहुंआ नाले पर गुरुवार को नदी का जलस्तर 70.66 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को छह सेमी घटकर 70.60 मीटर हो गया। यहां नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर और अधिकतम बिंदू 72.98 मीटर है। वहीं डिघिया नाले पर गुरुवार को नदी का जलस्तर 69.70 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवपार को पांच सेमी घटकर 69.65 मीटर पर आ गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 70.40 मीटर और अधिकतम बिंदू 72.72 मीटर है।