अमनावें गांव में छात्र आकाश सिंह की मौत के मामले में उसके गुरुजी के साथ डाक्टर की लापरवाही सामने आई है। पिता की तहरीर पर पुलिस ने दोनों के विरुद्ध गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली। जांच में पाया गया कि छात्र को प्रधानाध्यापक ने 40 गोलियां दी थी, जिसे वह निगल गया था।
रामसूरत जूनियर हाईस्कूल अमनावें में प्रधानाध्यापक के पद पर तथा डा. धनंजय पांडेय पीएचसी मार्टिनगंज पर डाक्टर हैं। आकाश के पिता ने दोनों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बीएसजीवाई योजना के तहत एक सप्ताह पूर्व जूनियर हाईस्कूल अमनावें में कैंप लगा था।
उसमें स्कूल के 32 छात्रों में आयरन और विटामिन की कमी पाई गई थी। डाक्टरों ने इन बच्चों को हर पांच दिन बाद एक गोली आयरन और विटामिन की खाने के लिए दी थी। नियम के अनुसार प्रधानाध्यापक को दवा स्कूल में खिलानी थी, लेकिन उन्होंने प्रत्येक छात्र को चार-चार पत्ता दवा दे दी और उन्हें हर पांच दिन बाद खा लेने के लिए कह दिया।
शुक्रवार की दोपहर आकाश ने एक साथ आयरन की 40 गोलियां खा ली थी। घर जाने के बाद उसकी तबीयत खराब हुई तो घरवाले उसे पीएचसी मार्टिनगंज ले गए। वहां डाक्टर धनंजय पांडेय ने उसका इलाज किया। उपचार के बाद डाक्टर ने आश्वस्त कर उसे घर भेज दिए। घर जाने के बाद उसकी मौत हो गई।
थानाध्यक्ष दीदारगंज शमीम अली सिद्दीकी ने बताया कि आकाश के पिता की तहरीर के आधार पर प्रधानाध्यापक रामसूरत और पीएचसी मार्टिनगंज के डाक्टर धनंजय पांडेय के विरुद्ध अनैच्छिक हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।