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पिता-पुत्र की पीटकर हत्या

Sat, 14 Nov 2015 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
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थाना क्षेत्र के देवइत ठूठवां गांव में गुरुवार की सुबह खेत के मेड़ पर ट्रैक्टर का पहिया चढ़ जाने के विवाद में पड़ोसियों ने रामदेव यादव और उसके बेटे की पीट- पीटकर हत्या कर दी। हमले में रामदेव की पत्नी, दो बहुएं और पोता गंभीर रूप से घायल हैं। उनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात कर दी गई है।
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देवईत ठूठवां गांव निवासी रामदेव यादव (55) का पड़ोसी बालचंद यादव से जमीन का विवाद था। गुरुवार सुबह करीब दस बजे रामदेव ट्रैक्टर से अपना खेत जुतवा रहे थे। इस दौरान ट्रैक्टर का पहिया बालचंद की मेड़ पर चढ़ गया, जिससे मेड़ क्षतिग्रस्त हो गई। रामदेव खेत जुतवाकर घर पहुंचे कि बालचंद, उसका भाई मूलचंद और फूलचंद अपने-अपने बेटों के साथ लाठी-डंडे और लात, घूसों से पीटने लगे।

रामदेव को बचाने पहुंचे उनके बेटे गुड्डू (25), पत्नी मीना देवी (50), बहुएं सुंदरी देवी (30), चंदा देवी (28), और पोता इंद्रजीत (10) को भी हमलावरों ने बुरी तरह पीटा। गांव के लोगों ने बीच-बचाव किया और घायलों को अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि रामदेव की मौके पर ही मौत हो गई।
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शहर के एक निजी अस्पताल में शुक्रवार की शाम गुड्डू की भी मौत हो गई। सुंदरी देवी की तहरीर पर पुलिस ने बालचंद और उसके तीनों भाइयों के अलावा उनके बेटे संजय, राजेश और सोनू के विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। वर्ष 2002 में बालचंद ने रामदेव के बड़े बेटे सुभाष यादव को गोली मार दी थी। करीब डेढ़ वर्ष बाद बालचंद  जेल से जमानत पर छूटा था। हत्या की सूचना पर रामदेव के दो बेटे सुभाष और प्रकाश शुक्रवार की सुबह सऊदी से घर पहुंच गए।

गुस्साए ग्रामीणों ने फूंकी आरोपी की मड़ई : देवइत ठूठवां गांव में पिता-पुत्र की हत्या से गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी के घर हमला बोल दिया। तोड़फोड़ के बाद बाहर मौजूद उसकी मड़ई में आग लगा दी। भयभीत महिलाएं और बच्चे भी घर छोड़ भाग निकले थे। बाद में पुलिस ने आग बुझाई। मौके पर फोर्स तैनात कर दी गई है। रामदेव यादव पांच बच्चों के पिता थे। उसके दो बेटे सऊदी अरब में रहतेे हैं। जबकि एक बेटा वाराणसी और दूसरा सूरत में नौकरी करता है। छोटा बेटा गुड्डू पिता के साथ रहकर खेतीबारी का काम देखता था।

चार वर्ष पूर्व गुड्डू की शादी हुई थी। दो वर्ष का बेटा है। बाप-बेटे की मौत से गुस्साए लोग शुक्रवार की शाम चक्काजाम करने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने रोक दिया। मुख्य मार्ग से गोलबंद हुए लोगों ने बालचंद यादव के घर पर हमला बोल दिया। भीड़ को आते देख उसके परिवार की महिलाएं और बच्चे घर छोड़कर भाग गए।

ग्रामीणों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ करने के बाद दरवाजे के बाहर रखी उसकी मड़ई फूंक दी। सीओ लालगंज एसपी तोमर, एसओ तरवां, जहानागंज और मेंहनगर थाने की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे और किसी तरह से आग बुझवाई। उधर जिला अस्पताल पर पिता-पुत्र की एक साथ पोस्टमार्टम होने से परिवार के अन्य सदस्यों सहित नात रिश्तेदारों का वहां जमावड़ा था।
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