आजमगढ़। प्रदेश में कोरोना काल में लॉकडाउन के चलते किसान, बुनकर, मजदूर और छोटे दुकानदार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। इसमें बिजली की बदहाली कोढ़ में खाज का काम कर रही है। न तो किसानी का काम हो पा रहा है और न ही पावरलूम और हथकरघा चल रहे हैं। इसके चलते बुनकर और किसान बहुत ही असहाय स्थिति में पहुंच गए हैं। राज्य सरकार द्वारा बिजली बिल काफी बढ़ाकर भेजी जा रहा है। उक्त बातें पूर्व मंत्री चंद्रदेव राम यादव करैली ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि योगी ने मुख्यमंत्री बनने के साथ कहा था कि प्रदेश में 24 घंटे में 25 घंटे बिजली दी जाएगी। आज उसको दूसरे तरह से चरितार्थ कर रहे हैं। 24 घंटे में 25 बार बिजली कटती है और आती-जाती रहती है। इस समय जब किसानों को धान की फसल के लिए सर्वाधिक बिजली की जरूरत है उनको बिजली नहीं मिल पा रही है। न ही बुनकरों का करघा चल पा रहा है। पूर्व मंत्री ने बताया कि उनके कार्यकाल में जुलाई 2011 में करोड़ों रुपए खर्च करके पिचरी जलालपुर विद्युत उप केंद्र बना था। उसे चालू करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
मोहब्बतपुर विद्युत उपकेंद्र में फीडर नंबर-3 पर बिजली बराबर कटती रहती है। उसकी एक मशीन बदलने की जरूरत है, लेकिन आज तक नहीं बदली गई। गांव ढकवा, पियरोपुर, दाउदपुर, नैठी, सलारपुर, मंझरिया आदि गांवों में पंखा चले एक जमाना हो गया है। किसी तरह से बल्ब टिमटिमाता रहता है। अगर इस दुर्व्यवस्था को ठीक नहीं किया गया तो समाजवादी पार्टी सड़क पर उतर कर इसका विरोध करेगी।