अहरौला। डेढ़ दशक से जर्जर 21 किमी अहरौला-कप्तानगंज मार्ग के निर्माण कराने को लेकर शुक्रवार को गोपालगंज बाजार में व्यापारियों व किसानों ने सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया।
सुबह आठ से 11 बजे तक दुकानें बंद रखी। धरना स्थल पर पहुंचकर तहसीलदार बूढ़नपुर शिवप्रकाश सरोज ने प्रदर्शनकारियों से मांग पत्र लिया।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अहरौला-कप्तानगंज जर्जर मार्ग को लेकर सत्तापक्ष व विपक्ष के लोग अपनी बयानबाजी कर रहे हैं और परेशान इस मार्ग से जुड़ी जनता हो रही है। 21 किमी लंबे मार्ग पर 6 बड़ी बाजारें हैं।
राजकीय महिला महाविद्यालय, पराग डेयरी अन्य महाविद्यालय हैं। हर किमी में डेढ़ सौ गड्ढे बने हुए हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं।
डेढ़ दशक से खराब मार्ग को बनाने के लिए सात सालों से आंदोलन चल रहा है लेकिन सड़क को बनाने को दूर इसे गड्ढा मुक्त भी नहीं किया जा सका।
क्षेत्र के लोगों का दर्द सुनने वाला कोई नहीं है जिससे लोग सड़क पर चलना बंद कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार के लोग बताएं कि हमारे पास बजट नहीं है तो हम लोग क्षेत्र में भिक्षाटन और श्रमदान कर सड़क को चलने योग्य बनाएंगे।
लोकनिर्माण विभाग व जिला प्रशासन को अवगत कराया है कि मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आगामी पांच अगस्त को बड़ा आंदोलन होगा।
धरने में आयोजक गजाधर दास, लालबहादुर चौरसिया, लक्ष्मी चौबे, शिवआसरे यादव, डॉ. श्याम वृक्ष मौर्या, दीपक सिंह, बीरू, विजय प्रताप सिंह, मोनूकांत, श्रीराम सोनी आदि मौजूद थे।