एफआईआर के मुताबिक, पूछताछ में शिवम पांडेय ने कथित तौर पर बताया कि बरामद सामग्री आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के चौबौलिया निवासी शिव चतुर्वेदी, उत्तम चतुर्वेदी और महराजगंज थाना क्षेत्र के ऊसुर कुढवा निवासी हरिलाल पांडेय द्वारा मकान पर भंडारण, बिक्री और पैकेजिंग के लिए भेजी जाती थी।
आरोप है कि योगीराज आयुर्वेदिक के फर्जी लोगो और होलोग्राम लगाकर तैयार दवाओं की आपूर्ति आजमगढ़, अंबेडकरनगर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में की जाती थी।
पुलिस ने बरामद सामग्री के परिवहन और दवा प्रचार में इस्तेमाल किए जाने वाले ऑटो ई-रिक्शा संख्या यूपी 45 बीटी 3519 को भी जांच में शामिल किया है।