राजभर ने दावा किया कि सपा में जारी आपसी खींचतान का राजनीतिक लाभ एनडीए गठबंधन को मिलेगा। सहारनपुर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से सरकार पर संविधान और न्यायपालिका की अवहेलना के आरोपों पर भी राजभर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने मनमाने ढंग से कार्रवाई नहीं की, बल्कि न्यायालय के आदेश का पालन किया है। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्ष को पहले नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था, लेकिन वह न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई।
राजभर ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के बाद विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुट गया है। उन्होंने किसी धर्म विशेष को निशाना बनाए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई धर्म और वर्ग देखकर नहीं की जा रही है। हिंदू, मुस्लिम, सिख या ईसाई-किसी भी व्यक्ति द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरी कानूनी प्रक्रिया जाने बिना सरकार पर आरोप लगाना राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है।