आजमगढ़। उप्र राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रिंयका मौर्या ने बुधवार को जनपद का निरीक्षण किया। दौरे की शुरुआत उन्होंने सीएचसी पल्हनी के निरीक्षण से की। इस दौरान मरीजों ने बाहर से जांच और दवाएं लिखे जाने की शिकायतें की। इस पर डॉ. मौर्या ने नाराजगी जताते हुए सीएमएस को सुधार के निर्देश दिए।
इसके बाद सर्किट हाउस सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, साइबर क्राइम, गुमशुदगी और जमीन विवाद जैसे कुल 30 मामले आए। डॉ. मौर्या ने मौके पर ही घरेलू हिंसा के 4 मामलों का निस्तारण किया। महिलाओं को भरोसा दिलाया कि राज्य महिला आयोग उनके साथ है। उन्होंने महिलाओं से आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की अपील की।कहा कि डरने की जरूरत नहीं, आप सबका हक सुरक्षित रहेगा।
कार्यक्रम में नोडल अधिकारी डीसी त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन, बाल सेवा योजना और वन स्टॉप सेंटर की जानकारी दी। जनसुनवाई में पुलिस, प्रशासन, महिला एवं बाल कल्याण विभाग से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे। इसके बाद उन्होंने जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया।