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अग्निशमन केंद्र के निर्माण की गति बढ़ने की उम्मीद, मिले 197.88 लाख

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आजमगढ़। मार्टीनगंज के सुरहन गांव में अग्निशमन केंद्र की स्थापना के लिए निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है। निर्माण कार्य के लिए शासन स्तर से 197.88 लाख रुपये और जारी किए गए हैं। यह योजना में 2017 में मंजूर हुई थी।
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मार्टीनगंज जनपद में सबसे नई तहसील है। यहां तहसील भवन के निर्माण के साथ ही प्रतिवर्ष आग लगने की होने वाली घटनाओं को देखते हुए अग्निशमन केंद्र की भी स्थापना की जा रही है। इसके लिए वर्ष 2017 में 949.26 लाख की कार्ययोजना मंजूर की गई थी। इसके साथ ही शासन स्तर से 380 लाख रुपये भी जारी किए गए थे। कार्यदायी संस्था ने इस धनराशि से कार्ययोजना में शामिल अनावासीय भवन तो तैयार कर लिया, लेकिन धनराशि के अभाव में आवासीय योजना का कार्य रुक गया। इस बीच कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस की ओर से संशोधित विस्तृत कार्ययोजना भी शासन को भेज दी गई, लेकिन वो फाइलों में लटकी रही। इस बीच अनावासीय भवन के पिछले साल ही पूरा हो जाने पर ग्रामीणों ने इसका संचालन शुरू करने की मांग शुरू कर दी। विभाग की ओर से भी मुख्यालय को पत्र भेजकर फायर टेंडर और स्टाफ उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। हालांकि न तो भवन हैंडओवर हुआ और न ही मुख्यालय की ओर से फायर टेंडर और स्टाफ ही मिले। अब शासन की ओर से 9.88 करोड़ रुपये की संशोधित कार्ययोजना मंजूर करने के साथ ही 197.88 लाख रुपये और जारी किए गए हैं। इससे निर्माण कार्य तेज होने की उम्मीद है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सतेंद्र पांडेय का कहना है कि बजट के बारे में कार्यदायी संस्था की ओर से ही जानकारी दी जा सकती है। इसके लिए उन्होंने शासन से बजट की मांग की थी। मुख्यालय को फायर टेंडर और स्टाफ की तैनाती के लिए पत्र लिखा गया है। उपलब्धता होते ही यहां से संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
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पड़ोसी तहसील से मंगाने पड़ते हैं फायर टेंडर
मार्टीनगंज। क्षेत्र में आग लगने की घटनाएं होने पर पड़ोसी तहसील फूलपुर, लालगंज और आजमगढ़ से फायर टेंडर मंगाने पड़ते हैं। तहसील से फूलपुर की दूरी 22 किमी, लालगंज की 30 किमी और आजमगढ़ की 50 किमी के आसपास है। यहां से फायर टेंडरों के मौके पर पहुंचने से पहले सामान और खेत की फसलें जलकर राख हो जाती हैं। इससे इनका लाभ नहीं मिल पाता है। मार्च माह और इसके बाद आग लगने की घटनाएं शुरू हो जाती हैं। सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को उठाना पड़ता है। इसको देखते हुए स्थानीय किसानों ने यहीं से संचालन कराने की मांग उठाई है।
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