सुनें दुकानदारों की...
प्रचार के अभाव में दुकान पर इतनी बिक्री नहीं हो पा रही है कि हम चार लोग अपना पेट भर सकें। प्रतिदिन का 500 रुपये भाड़ा हमें अलग से देना है। ठेकेदार हमें जाने भी नहीं दे रहा है। बदायूं से हम कारोबार करने के लिए आए हैं लेकिन नुकसान हो रहा है। - प्रमोद, बदायूं।
हम लोग प्रयागराज से यहां आए हैं। प्रदर्शनी का बिना उद्घाटन के ही शुभारंभ कर दिया गया। इसके कारण ज्यादातर लोगों को इसके बारे में जानकारी ही नहीं है। बिक्री नहीं होने से हम जाना चाहते हैं लेकिन ठेकेदार हमसे एक महीने का भाड़ा मांग रहा है। - विनय कुमार, आगरा।
यह प्रदर्शनी हमारे भाई की ओर से संचालित की जा रही है। इसमें हम कुछ नहीं कर सकते हैं। हम तो सिर्फ इस प्रदर्शनी की देखभाल करते हैं और दुकानदारों को मैनेज करते हैं। - नेदाल, ठेकेदार।