फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनुचित लाभ और नियम विरुद्ध म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने में फंसे तत्कालीन सचिव

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। जिला सहकारी बैंक के तत्कालीन सचिव जगदीश चंद्रा अनुचित लाभ लेकर 25 में से तीन कर्मचारियों का भुगतान करने, नियम विरुद्ध तरीके से निजी कंपनी में 55 लाख की धनराशि लगाने और राष्ट्रीयकृत बैंक के बजाय कर्मचारियों की 40 से 60 फीसदी धनराशि म्युचुअल फंड में लगाने में फंस गए हैं। उन्हें खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए एमडी कोआपरेटिव बैंक को लिखा गया है।
विज्ञापन

शहर के राहुल नगर मड़या निवासी शिवशंकर पुत्र स्व नर्वदेश्वर सिंह ने शिकायत की थी कि तत्कालीन सचिव जिला सहकारी बैंक जगदीश चंद्र ने अपने कार्यकाल में कई अनियिमतिताएं की हैं। जिलाधिकारी ने इसकी जांच एआर कोआपरेटिव राम किंकर द्विवेदी से कराई थी। जांच के दौरान तत्कालीन सचिव पर कई आरोप सिद्द हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि उनके कार्यकाल में 25 कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए थे। इसमें तीन कर्मचारियों मंशाराम को 5.45 लाख, विनेद कुमार सिंह को 2.66 लाख, और ओम प्रकाश सिंह 4.27 लाख की ग्रेच्युटी का भुगतान नगद किया गया। अन्य 22 कर्मचारियों का भुगतान नहीं किया गया, बल्कि उन्हें एफडी कर प्रमाण-पत्र दे दिया गया। जिन तीन का भुगतान किया गया वो अनुचित लाभ लेकर किया गया। इसके साथ ही जगदीश चंद्रा ने अपने कार्यकाल में संजय मौर्य की कंपनी को कर्मचारी कांट्रीव्यूटरी फंड ट्रस्ट का 55 लाख रुपये दे दिया गया। कर्मचारी कंट्रीव्यूटरी फंड ट्रस्ट के कर्मचारियों का जमा व विनियोजन का अंतर 43.92 लाख की है। चंद्रा के अध्यक्ष होने के बाद भी बायलाज के उल्लघंन कर कर्मचारियों के खाते में अधिक ब्याज दर लगाने से हुआ है। इसके साथ ही चंद्रा ने फंड की धनराशि को मानक के विपरीत 45 से 50 फीसदी धनराशि के म्युचुअल फंडों में लगा दी गई। जिलाधिकारी एनपी सिंह ने इसे घोर अनियमितिता माना है। साथ ही जगदीश चंद्रा के खिलाफ कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट के साथ प्रबंध निदेशक उप्र राज्य कोआपरेटिव बैंक को पत्र भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें