उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा अनुभाग-1 ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार पाठक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शासन ने उनसे 15 दिन के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
साथ ही चेतावनी दी है कि स्पष्टीकरण न प्रस्तुत करने पर उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई कर दी जाएगी। डीएम ने शासन को भेजे पत्र में राजीव कुमार पाठक पर संवेदनशील प्रकरणों से संबंधित विभागीय पत्रावलियों का उचित परीक्षण न करने और उन्हें निर्णय के लिए उच्च स्तर पर प्रस्तुत करने की बात कही थी।
उन्होंने कहा कि मुख्य विकास अधिकारी ने श्री पाठक को इस संबंध में कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, जिनमें 25 अगस्त 2025, 14 नवंबर 2025, 09 अप्रैल 2026 और 02 जून 2026 को पत्र जारी किए गए थे।
इसके बावजूद डीएम और सीडीओ द्वारा की गई लिखित टिप्पणियों और मौखिक निर्देशों के बावजूद बीएसए ने अपनी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं दिखाया।
डीएम ने यह भी कहा था कि राजीव पाठक 1 जुलाई 2024 से आजमगढ़ में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनात हैं और यह उनका इस पद पर पहला प्रभार है। उन पर विभागीय कार्यों के बारे में पर्याप्त जानकारी न होने और एक लापरवाह अधिकारी होने का भी आरोप है।
डीएम ने कहा कि उनके द्वारा की गई कार्रवाइयां सुसंगत शासनादेशों और विभागीय नियमों के अनुरूप नहीं हैं। डीएम ने बीएसए का स्थानांतरण अन्यत्र करने का भी अनुरोध किया था।
डीएम के इस पत्र को संज्ञान में लेते हुए लिखित और मौखिक निर्देशों की अनदेखी, विभागीय कार्यों के प्रति लापरवाही और पर्याप्त जानकारी के अभाव जैसे आरोपों को संज्ञान में लेते हुए शासन ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली, 1999 के नियम-10 (2) के तहत बीएसए राजीव पाठक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्णय लिया है।
विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी ने बीएसए राजीव पाठक को निर्देशित किया है कि वे निर्धारित 15 दिनों की समय सीमा के भीतर अपना स्पष्टीकरण शासन को उपलब्ध कराएं। यदि इस अवधि में उनका जवाब प्राप्त नहीं होता है तो शासन गुण-दोष के आधार पर एकतरफा निर्णय लेने के लिए बाध्य होगा।
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डीएम की ओर से शासन को बीएसए के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया था। इसी पत्र के क्रम में शासन की ओर से बीएसए को कारण बताओ नोटिस जारी की गई। उनसे 15 दिन में स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
मनोज मिश्रा, एडी बेसिक।