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रामावतार राक्षसों के विनाश के लिए ही

Sun, 29 Nov 2015 11:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
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जूनियर हाईस्कूल ठेकमा के परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रीश्री 108 आत्मानंद सरस्वती ने श्रीराम विवाह का वर्णन किया। इस दौरान लगे श्रीराम के जयकारों से क्षेत्र गूंजता रहा।
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आत्मानंद सरस्वती ने कहा कि जब श्रीराम अपने भाइयों के साथ गुरु विश्वामित्र के साथ शिक्षा ग्रहण करने गुरुकुल गए तो उस दौरान कई राक्षसों का वध किया। राम का अवतार ही राक्षसों के विनाश के लिए हुआ था। उन्होंने कहा कि रामावतार में भी राक्षसों का वर्चस्व था।

वर्तमान युग में अतताइयों का साम्राज्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ग्रहण करने के दौरान ही गुरु विश्वामित्र के साथ राम जनकपुर गए। वहां पर उनकी भेंट पुष्प वाटिका में फूल चुनते समय सीता जी से हुई। वे अपने भाइयों के साथ सीता स्वयंवर में भाग लिए और गुरु की आज्ञा से उन्होंने राजाजनक की प्रतिज्ञा को शिव जी का धनुष तोड़कर पूरा किया और सीता से विवाह हुआ।
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सीता विवाह के दृश्य को गांव के बच्चों ने बड़ी ही खूबी से निभाया। कार्यक्रम के आयोजक सुखलाल यादव ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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