निजामाबाद। विजयादशमी से पूर्व जनपद के हर क्षेत्र में रामलीला का मंचन किया जाता है। इन रामलीलाओं में निजामाबाद की सचल रामलीला सबसे अलग है। इस रामलीला का मंचन पूरे कस्बे में घूम-घूम कर होता है। आखिरी दिन रामलीला में रावण वध और भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान की झांकियां निकाली जाती है।
विजयदशमी के पर्व पर भगवान श्री राम की सचल रामलीला का मंचन पूरे हर्षोल्लास के साथ निजामाबाद में नगर रामलीला कमेटी की ओर से सैकड़ों वर्षों से किया जा रहा है। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्री प्रकाश चौरसिया ने बताया कि कार्यक्रम के अनुसार इस वर्ष हमारे यहां सचल रामलीला का मंचन 12 अक्टूबर से शुरू होगा, जो विजया दशमी के दिन यानि 24 अक्टूबर तक अनवरत रूप से पूर्व निर्धारित रास्तों पर होगी। रामलीला को देखने के लिए हजारों की संख्या में कई गांवों से लोग नगर निजामाबाद में पहुंचते हैं। इस रामलीला का मंचन जगह-जगह आयोजित किया जाता है। इसलिए इसे सचल रामलीला कहा जाता है। 12 अक्टूबर को मुकुट पूजन जनता इंटर कॉलेज में होगा। 13 अक्टूबर को श्री राम वन गमन का मंचन गुरुद्वारे में किया जाएगा। उसके बाद 14 को गुरु वशिष्ठ आश्रम जाने के लिए गुरुद्वारे से चौक होते हुए सदानंद बरनवाल के घर तक पहुंचने का मंचन किया जाएगा। 15 को शोभा यात्रा सतानंद बरनवाल के घर से शिवाला घाट पहुंचेगी। जहां 16 को रामलीला मैदान शिवाला घाट पर सचल रामलीला का मंचन किया जाएगा। 19 को पंचमी पर गस्त शोभायात्रा निकाली जाएगी। जिसमें बनारस से कलाकार भी आएंगे और तरह-तरह के मंचन की प्रस्तुति की जाएगी। एक बड़ी संख्या में पंचमी की गस्त में निजामाबाद के विभिन्न चौराहों से होते हुए फरहाबाद से होते हुए शिवाला घाट रामलीला मैदान पर पहुंचेगी। 20 को शिवाला घाट रामलीला मैदान तक सचल रामलीला का मंचन किया जाएगा। इसके बाद 22 को सबरी फल शोभा यात्रा शिवाला घाट से कन्या पाठशाला होते हुए किष्किंधा पर्वत से वापस शिवाला घाट पहुंचेगी। 23 को शिवाला घाट रामलीला मैदान पर सचल मंचन किया जाएगा। फिर 24 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर फरहाबाद पुराने शिव मंदिर से भगवान श्री राम, लक्ष्मण, हनुमान की भव्य झांकी निकाली जाएगी। कीर्तन भजन के साथ सुरक्षा व्यवस्था के बीच रामलीला मैदान तक पहुंचेगी। जहां पर लगभग तीन घंटे सचल मंचन के बाद रावण दहन तक का मंचन करते हुए कार्यक्रम संपन्न होगा।