आजमगढ़। हरिऔध कला केंद्र में सोमवार को एक राष्ट्र, एक चुनाव के विषय पर एक प्रबुद्ध समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापतिराम त्रिपाठी और जिलाध्यक्ष सदर ध्रुव कुमार सिंह ने कहा कि आज हर साल कहीं न कहीं चुनाव होने से आचार संहिता के कारण विकास कार्य बाधित होते हैं और हजारों करोड़ रुपये खर्च होते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में एक राष्ट्र, एक चुनाव का वादा किया था। हम इसे संसद से पारित करा सकते हैं, लेकिन जनता की सहभागिता और समर्थन के लिए प्रबुद्ध वर्ग के बीच इसकी चर्चा जरूरी है।
मुख्य अतिथि रमापतिराम त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसका गठन राष्ट्रहित के लिए हुआ, न कि सत्ता या सम्मान के लिए। उन्होंने कहा कि हमने भारत के विभाजन का समर्थन नहीं किया। जब देश आजाद हुआ और अनुच्छेद 370 लागू किया गया, तब डॉ. भीमराव आंबेडकर और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसका विरोध किया। डॉ. मुखर्जी ने मंत्री पद और सांसद पद से इस्तीफा देकर एक देश में दो प्रधान, दो निशान, दो संविधान के खिलाफ आवाज उठाई।
त्रिपाठी ने कहा कि 1967 तक लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होते थे, जिससे सरकार को पांच साल तक विकास कार्यों के लिए समय मिलता था। लेकिन इसके बाद यह व्यवस्था टूट गई। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त आईएएस प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव, अखिलेश मिश्रा, श्रीकृष्ण पाल, शैलेंद्र सिंह, गुलाब राय, आनंद श्रीवास्तव, डॉ. सुभाष सिंह आदि उपस्थित थे।