पंचायत चुनाव के चौथे चरण के लिए बुधवार को होने वाले मतदान से पूर्व हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए आखिरी चरण का चुनाव शांति पूर्वक संपन्न कराने के लिए पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। तय रणनीति के तहत हर पांच मिनट पर पुलिस की बैन बूथ पर पहुंचेगी। एसपी द्वारा तैयार की गई इस योजना का मत
दान से एक दिन पूर्व मंगलवार को रिहर्सल किया गया। गठित 135 टीमों में छह सशस्त्र जवानों की ड्यूटी लगाई गई है।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का संसदीय क्षेत्र होने की वजह से गतिविधियों की जानकारी स्वयं प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा और डीजीपी जगमोहन यादव ले रहे हैं।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जिला प्रशासन ने रणनीति तैयार की है। इसके तहत मोबाइल बैन की 135 टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम की कमान दरोगा या हेडकांस्टेबल के पास रहेगी।
उनके नेतृत्व में असलहे से लैस दो सिपाही और चार होमगार्ड लगाए गए हैं। इसके अलावा बूथों पर भी सुरक्षा होगी। पुलिस के इस टीम का समय निर्धारित किया गया है।
ताकि हर पांच से सात मिनट के भीतर एक बूथ पर एक टीम पहुंचे। इसके पीछे मंशा है कि गतिविधियों की सही और सटीक जानकारी इकट्ठा कर लखनऊ तक पहुंचाई जाए। एसपी ने टीम को किसी भी घटना से निपटने का भी पावर दिया है।
मालूम हो कि पंचायत चुनाव के चौथे चरण के लिए बुधवार को लालगंज तहसील क्षेत्र के लालगंज, ठेकमा, तरवां, पल्हना और मेंहनगर तहसील के मेंहनगर ब्लाकों में वोट डाले जाएंगे।
इन ब्लाक के 440 गांव में मतदान के लिए कुल 1251 बूथ बनाए गए हैं। आठ थाना क्षेत्रों में होने वाले इस चुनाव के दौरान पुलिस ने 19 केंद्रों को अतिसंवेदनशील प्लस और 28 अतिसंवेदनशील बूथ घोषित किया है।
जबकि 39 बूथ संवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं। इसके अलावा जिन थाना क्षेत्रों में चुनाव है, उन्हें छोड़कर शेष थानाध्यक्षों की ड्यूटी एक के बाद एक लगाई गई है।
जैसे एक थानाध्यक्ष को छोड़कर दूसरे की ड्यूटी लगी है। ताकि भविष्य में महराजगंज जैसी घटना न हो जाए।