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Azamgarh News: जनपद में हर 12वीं गर्भवती महिला में मिली खून की कमी

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आजमगढ़। जनपद में गर्भवती महिलाओं के बीच एनीमिया (खून की कमी) की समस्या गंभीर होती जा रही है। स्थिति ये है कि हर 12वीं गर्भवती महिला हीमोग्लोबिन की कमी से पीड़ित मिली। सीएमओ डाॅ. एनआर वर्मा ने बताया कि जिले में एक अप्रैल 2025 से 29 मार्च 2026 तक 134861 गर्भवती महिलाओं ने पंजीकरण कराया। इनमें 38863 महिलाओं का प्रसव सरकारी अस्पतालों में हुआ। इनमें से 11219 गर्भवती महिलाएं एनीमिया से ग्रसित मिलीं। इनका उपचार किया गया। हीमोग्लोबिन की कमी से मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए हर महीने आने वाली 70 से 80 महिलाओं को रक्त चढ़ाया जाता है।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, असंतुलित खानपान और पोषक तत्वों की कमी के कारण महिलाओं में हीमोग्लोबिन स्तर लगातार गिर रहा है। जिला महिला अस्पताल में रोजाना 20 से 25 प्रसव होते हैं, जिनमें से बड़ी संख्या एनीमिया से प्रभावित महिलाओं की होती है। हालात यह हैं कि ब्लड बैंक में प्रतिदिन दो से तीन यूनिट रक्त केवल गर्भवती महिलाओं को चढ़ाया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी चिंताजनक है। जागरूकता की कमी और पोषण संबंधी लापरवाही के चलते महिलाएं समय पर जांच नहीं करातीं और संतुलित आहार नहीं ले पातीं। जिले के 5588 आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिए जा रहे पोषाहार का भी अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
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10 मिली से कम रक्त होने पर चढ़ाना पड़ता है रक्त
जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डा. विनय सिंह यादव ने बताया कि जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 20 से 25 प्रसव होते हैं। इनमें से लगभग आधे प्रसव सामान्य (नॉर्मल) होते हैं, जबकि शेष मामलों में ऑपरेशन (सीज़ेरियन) करना पड़ता है। अस्पताल में अधिकतर गर्भवती महिलाएं प्रसव के अंतिम समय में ही पहुंचती हैं। जांच के दौरान अक्सर उनमें खून (हीमोग्लोबिन) या आयरन की कमी पाई जाती है। हर महीने लगभग 90 महिलाएं खून की कमी (एनीमिया) से और करीब 120 महिलाएं आयरन की कमी से प्रभावित होकर आती हैं। जिन महिलाओं का हीमोग्लोबिन स्तर 10 ग्राम प्रति डेसीलीटर से कम होता है, उनका तुरंत ऑपरेशन नहीं किया जाता। ऑपरेशन से पहले ऐसी महिलाओं को रक्त चढ़ाया जाता है या आयरन की पूर्ति की जाती है, ताकि उनका स्वास्थ्य बेहतर हो सके।

महिलाओं में एनीमिया के तीन मुख्य कारण होते हैं महामारी आना, प्रेग्नेंसी में ब्लड की ज्यादा डिमांड होना, खान-पान में आयरन युक्त भोजन न लेना। ऐसे में महिलाओं को खाने में हरी पत्तेदार सब्जी, गुड चना, खाने के साथ ही चाय काफी नहीं लेना चाहिए, खून की कमी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।डॉ. श्वेता राय, चिकित्सक जिला महिला अस्पताल।
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चिकित्सक की सलाह:
नियमित रूप से हीमोग्लोबिन की जांच कराएं
डॉक्टर की सलाह से आयरन और फोलिक एसिड (आईएफए) की गोलियां लें
हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, फल, गुड़ और चुकंदर का सेवन करें
चाय और कॉफी का सेवन सीमित रखें
गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच (एएनसी) जरूर कराएं
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