आजमगढ़। कोरोना की तीसरी लहर बच्चों व वृद्धों के लिए खतरनाक बतायी जा रही है लेकिन जिले में ऐसा नही है। जिले में सर्वाधिक युवा ही कोरोना की चपेट में आए है। कुल मिले 309 संक्रमितों में 273 युवा है। बच्चे व वृद्धों की संख्या मात्र 18-18 ही है।
कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों व वृद्धो को ज्यादा खतरा बताया गया था। यही कारण है कि तीसरी लहर के साथ ही शासन-प्रशासन ने किशोरो के टीकाकरण की भी शुरूआत कर दी है। अब तक लगभग 40 प्रतिशत किशोरों का टीकाकरण किया भी जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग के आकड़ों पर गौर कर तो जिले में तीसरी लहर के दौरान पहला पॉजिटिव केस 29 दिसंबर 2021 को सामने आया। इसके बाद 30 दिसंबर 2021 को भी एक मरीज मिला। ये दोनों ही युवा वर्ग के ही थे। इसके बाद एक जनवरी भी एक केस सामने आया जो युवाओं का ही था। वहीं तीन जनवरी को दो केस मिले जिसमें एक युवा व एक वृद्ध था। चार जनवरी को एक मुश्त 10 केस मिले थे और सभी युवा वर्ग से ही थे। पांच जनवरी को पांच केस आए, जिसमें चार युवा व एक वृद्ध थे। छह जनवरी को छह केस आए और सभी युवा ही रहे। सात जनवरी को 17 केस आए सभी 18 से 59 आयु वर्ग के ही रहे। आठ जनवरी को 16 केस में पहली बार दो बच्चे व 14 युवा मिले। नौ जनवरी को भी 16 केस थे, जिसमें एक बच्चा, एक वृद्ध व 14 युवा थे। 10 जनवरी को 19 केस सामने आए, जिसमें दो वृद्ध व 17 युवा शामिल रहे। 11 जनवरी को 44 केस मिले, जिसमें तीन बच्चे, दो वृद्ध व 39 युवा रहे। 12 जनवरी को 45 केस मिले, जिसमें 40 युवा, चार बच्चे व एक वृद्ध थे। 13 जनवरी को 53 केस मिले जिसमें 48 युवा, तीन वृद्ध व दो बच्चे शामिल रहे। 14 जनवरी को तो सर्वाधिक 73 पॉजिटिव मिले, जिसमें 60 युवा, सात वृद्ध व छह 18 साल के नीचे वाले थे।
कोरोना की तीसरी लहर को बच्चों व बुजुर्गो के लिए खतरनाक बताया गया था, लेकिन फिलहाल जो भी संक्रमित मिले है, उसमें सर्वाधिक युवा ही है। इसके पीछे एक मात्र कारण युवाओं की इम्यूनिटी मजबूत नहीं होना है। बच्चों की इम्यूनिटी वैसे भी मजबूत होती है, जिसके चलते बच्चे कम संक्रमित हो रहे है।
डॉ. संजय, एडिशनल सीएमओ