सीएचसी अतरौलिया में विश्व जनसंख्या दिवस पर कार्यक्रम में मौजूद आशा कार्यकर्ता सहित अन्य। संवाद
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को ‘युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करना—आज के लिए और भविष्य के लिए’ थीम पर ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान, बिलारी (बढ़या) ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सीएचसी परिसर में परिवार नियोजन एवं जनसंख्या स्थिरता विषयक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें आशा कार्यकर्ताओं, संगिनियों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को परिवार नियोजन कार्यक्रमों तथा सरकार की ओर से उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं की जानकारी दी गई। साथ ही पात्र दंपत्तियों को जागरूक करने के लिए गांव-गांव अभियान चलाने का आह्वान किया गया।
ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान के सचिव राजदेव चतुर्वेदी ने कहा कि संस्था स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से प्रत्येक वर्ष जनसंख्या स्थिरता और परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता अभियान चलाती है। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन का उद्देश्य किसी पर निर्णय थोपना नहीं, बल्कि सही जानकारी और परामर्श देकर लोगों को अपने परिवार और भविष्य से जुड़े निर्णय स्वयं लेने में सक्षम बनाना है।
उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नवविवाहित और पात्र दंपत्तियों तक परिवार नियोजन का संदेश पहुंचाया जा रहा है। कार्यक्रम में विवाह की उचित आयु, पहले बच्चे के जन्म में उचित अंतराल, दो बच्चों के बीच पर्याप्त समय तथा छोटे एवं स्वस्थ परिवार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई।
वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ और शिक्षित परिवार ही विकसित समाज तथा सशक्त राष्ट्र की नींव हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने परिवार नियोजन और जनसंख्या स्थिरता का संदेश घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया।