फरिहा गांव में अधूरा पड़ा ओवरहेड टैंक का निर्माण। संवाद
हर घर नल योजना के तहत फरिहा गांव में स्वीकृत 6.99 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना ढाई साल बाद भी अधूरी है। पानी की टंकी का निर्माण पूरा किए बिना गांव में पाइपलाइन बिछाकर घर-घर नल कनेक्शन दे दिए गए, लेकिन अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। योजना के तहत रानी की सराय ब्लॉक के फरिहा गांव में नहर किनारे चिह्नित भूमि पर पेयजल परियोजना का निर्माण शुरू हुआ था। ग्रामीण हरिहर यादव, जावेद आलम, प्रेमचंद और वसीम ने बताया कि इस परियोजना से फरिहा के अलावा उम्मा का पूरा और बाबूराम का पूरा गांव की करीब दो हजार आबादी को पेयजल उपलब्ध कराया जाना था।
ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था ने पहले पंप हाउस का निर्माण कराया, लेकिन इसके बाद पानी की टंकी का निर्माण अधूरा छोड़ दिया। साथ ही पाइपलाइन बिछाकर घर-घर नल कनेक्शन दे दिए गए। करीब ढाई वर्ष से निर्माण कार्य बंद पड़ा है। पंप हाउस परिसर में झाड़ियां उग आई हैं और शिकायतों के बावजूद काम दोबारा शुरू नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना कब पूरी होगी और जलापूर्ति कब शुरू होगी, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।
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योजना के तहत घर के सामने नल की टोंटी लगा दी गई है, लेकिन अब तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई। कई स्थानों पर पाइपलाइन का काम भी अधूरा है। — तबरेज आलम, ग्रामीण
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करीब ढाई साल से परियोजना का काम बंद पड़ा है। पानी की टंकी और जलापूर्ति से जुड़े कई कार्य अब भी अधूरे हैं, जबकि कोई अधिकारी मौके पर निरीक्षण के लिए नहीं आया। — जेडी यादव, ग्रामीण
वर्जन
अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) राजेंद्र कुमार ने बताया कि परियोजना की वर्तमान स्थिति की जांच कराई जाएगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि कार्य अब तक अधूरा क्यों है। शीघ्र ही निर्माण पूरा कराकर ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
फरिहा गांव में अधूरा पड़ा ओवरहेड टैंक का निर्माण। संवाद