आजमगढ़। शहर से निकलने वाले गंदे पानी को बिना ट्रीटमेंट के ही नालों के जरिये तमसा नदी में गिराए जाने के मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नपा पर 39.95 करोड़ का जुर्माना लगाया था। इसके एक माह बाद ही शहर के एक पोखरी में सीवेज बहाने पर 15 लाख का जुर्माना लगाया। नपा ने 15 लाख जुर्माना तो भर दिया, लेकिन 39.95 करोड़ जुर्माना जमा करने के बजाए कोर्ट चली गई। जबकि इस मामले में आरसी भी जारी हो चुकी है।
नगर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट न होने के कारण नगर पालिका नगर से निकलने वाले 17.521 एमएलडी गंदे पानी को सीधे तमसा नदी में प्रवाहित कर रही थी। इसकी शिकायत एनजीटी में हुई थी। शिकायत के बाद 2020 में एनजीटी की टीम जनपद में आई। उनके नगर से निकलने वाले नालों की जांच किया। इसके बाद 13 अप्रैल 2024 को एनजीटी द्वारा दिए गए निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर पालिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया कि उसके द्वारा बिना नाली को टैप्ड किए ही नदी में दूषित पानी को छोड़ा जा रहा है। इस पर नपा ने जवाब दिया था कि उसके द्वारा नालों पर जाली लगावा दी गई है और बायोरेमेडिएशन का कार्य कराया जा रहा है, ताकि नदी में दूषित पानी न गिरने पाए। नपा का उत्तर संतोषजनक न मिलने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पांच लाख रुपये प्रतिमाह की दर से नपा पर 39.95 करोड़ का जुर्माना लगाया। इसको 15 दिनों के भीतर भरने को निर्देश दिया था। इस कार्रवाई के एक माह बाद ही शहर के जलांधरी मुहल्ले में बिना ट्रीटमेंट के पोखरी में सीवेज बहाने के मामले में नपा पर तीन माह का 15 लाख जुर्माना लगाया। नपा ने 15 लाख रुपये जुर्माना तो भर दिया, लेकिन 39.95 करोड़ के मामले में हाईकोर्ट चली गई, जबकि मामले में नगर पालिका को आरसी भी जारी हो चुकी है। मामला अभी न्यायालय में चल रहा है।
एनजीटी के निर्देश पर लगे 15 लाख जुर्माने को भर दिया गया है, जबकि 39.95 करोड़ का जुर्माना एनजीटी ने नहीं लगाया है। यह सीधे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लगाया है। इस जुर्माने के मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।- विवेक त्रिपाठी, ईओ नगर पालिका आजमगढ़।
नगर पालिका पर दोनों जुर्माना एनजीटी के निर्देश पर लगाया गया था। समय से 39.95 करोड़ जुर्माना जमा न होने पर आरसी जारी हुई है। अब भू राजस्व के भांति वसूली होगी।- अजीत कुमार सुमन, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।