मूल्यांकन बहिष्कार के सातवें दिन रविवार को जहां उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के कुछ संगठन मूल्यांकन करने में लगे रहे। वहीं कुछ संगठन के लोगों ने मूल्यांकन का बहिष्कार कर माहौल बनाए रखा। पिछले वर्ष के बकाया मूल्यांकन पारिश्रमिक, वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय आदि मांगों को लेकर शिक्षक संघ के विभिन्न संगठन मूल्यांकन का बहिष्कार कर रहे हैं।
इनमें से शर्मा गुट और ठकुराई गुट का बहिष्कार तीन दिन बाद ही समाप्त हो गया। इन दोनों गुटों से जुड़े शिक्षकों द्वारा कापियों का मूल्यांकन किया जा रहा है। वहीं, चेतनरायन गुट, रामजन्म सिंह गुट, पांडेय गुट और वित्तविहीन शिक्षकों द्वारा अभी भी मूल्यांकन का बहिष्कार किया जा रहा है।
रविवार को चेतनरायन गुट द्वारा प्रदेशीय मंत्री नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में चारों मूल्यांकन केंद्रों पर धरना प्रदर्शन किया गया। निस्वा गर्ल्स इंटर कालेज पर आयोजित धरने में नरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी मूल्यांकन बहिष्कार पूरी तरह से सफल है। सिर्फ कुछ लोगों द्वारा भ्रामक प्रचार कर शिक्षकों को बरगलाया जा रहा है।
वहीं, उप्र माध्यमिक सवित्त और वित्तविहीन शिक्षक संयुक्त मोर्चा द्वारा भी मूल्यांकन का बहिष्कार कर धरना दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष लालबिहारी यादव के नेतृत्व में शिक्षक जिला विद्यालय निरीक्षक वापस जाओ के नारे लगाते हुए राजकीय बालिका इंटर कालेज मूल्यांकन केंद्र के अंदर पहुंच गए। शिक्षकों के हंगामे के दौरान नगर कोतवाल सारंगधर द्विवेदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शिक्षकों को समझाकर गेट से बाहर किया।
लालबिहारी यादव ने कहा कि सरकार से होने वाली वार्ता का अगर कोई निष्कर्ष नहीं निकलता है तो सोमवार को जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। मोर्चा के संयोजक शैलेश राय, अध्यक्ष सुधीर कुमार श्रीवास्तव, अच्युतानंद त्रिपाठी मौजूद थे। वहीं माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा ने भी बहिष्कार किया।
अनुपस्थित शिक्षकों का रुकेगा वेतन ः जिला विद्यालय निरीक्षक केपी सिंह यादव ने बताया कि चारों मूल्यांकन केंद्रों पर रविवार को शांतिपूर्ण माहौल में मूल्यांकन कार्य हुआ। जिन परीक्षकों ने अपने संबंधित संस्था से कार्यमुक्त होकर अपने-अपने मूल्यांकन केंद्रों पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है, उन्हें अनुपस्थित मानते हुए उक्त अवधि का वेतन रोक दिया जाएगा। साथ ही इसकी प्रविष्टि संबंधित की सेवा पंजिका में दर्ज की जाएगी।