फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Azamgarh News: जलस्तर घटते ही कटान तेज, घाघरा नदी में एक बीघा जमीन समाई

विज्ञापन
सगड़ी के देवारा खास राजा गांव में उफनती नदी। संवाद
विज्ञापन
सगड़ी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी का जलस्तर घटते ही कटान फिर तेज हो गई है। तटवर्ती गांव सहबदिया, बरामदपुर और हाजीपुर गोला पुल से पूरब की ओर देवारा खास राजा गांव के सामने नदी तेजी से खेतों को काट रही है।
विज्ञापन

पिछले 24 घंटे में बरामदपुर और टेकनपुर गांव के छह किसानों की लगभग एक बीघा कृषि भूमि कटकर घाघरा नदी में समा गई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
सहबदिया गांव के गया सिंह पटेल के खेत से पूर्व दिशा में करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में कटान शुरू होने से बरामदपुर गांव के सामने तक खेतों के कटने का सिलसिला जारी है। बरामदपुर और टेकनपुर गांव के अच्छे लाल, रामहंश, सतीराम, जयद्रथ, जय सिंह और दिनेश पटेल समेत कई किसानों की जमीन नदी में विलीन हो चुकी है।
वहीं सहबदिया गांव के किसान जगदीश, श्रीबल, पुल्लू, जयसिंह, छांगुर, श्रीकिशुन और विंध्याचल के खेत भी लगातार कटकर नदी में गिर रहे हैं। खेतों के कटने से किसानों के सामने फसल और आजीविका बचाने का संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन

उधर, बाढ़ खंड की ओर से कटान रोकने के लिए बंबू क्रेट, गैबियन और परकूपाइन लगाए गए थे, लेकिन इनका अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा है। किसानों का कहना है कि मौजूदा इंतजाम से कटान रुकने की उम्मीद कम है।
ग्रामीणों ने प्रभावी बचाव कार्य कराने की मांग की है। उप जिलाधिकारी सगड़ी संजीव कुमार राय ने बताया कि कटान स्थल पर राजस्व कर्मी को भेजकर स्थिति का मुआयना कराया जाएगा। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भी भेजी जाएगी, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
-
बदरहुआ पर 19, डिघिया पर 18 सेमी घटा जलस्तर, खतरे के निशान से नीचे नदी
लाटघाट। घाघरा नदी के जलस्तर में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। बदरहुआ नाले पर मंगलवार की शाम चार बजे जलस्तर 71.14 मीटर था, जो बुधवार को 19 सेंटीमीटर घटकर 70.95 मीटर पर पहुंच गया। यहां खतरे का निशान 71.68 मीटर है। वहीं, डिघिया नाले पर भी नदी के जलस्तर में कमी आई है। मंगलवार को यहां जलस्तर 70.40 मीटर दर्ज किया गया था, जो बुधवार को 18 सेंटीमीटर घटकर 70.22 मीटर पर आ गया। डिघिया नाले पर खतरे का निशान 70.40 मीटर निर्धारित है। जलस्तर में गिरावट से तटवर्ती गांवों के लोगों ने फिलहाल राहत की सांस ली है। हालांकि नदी में लगातार पानी आने के कारण ग्रामीणों और प्रशासन की नजर जलस्तर पर बनी हुई है। बुधवार की सुबह सरयू, गिरिजा और शारदा बैराज से करीब 2.93 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। इससे आने वाले समय में नदी के जलस्तर में फिर उतार-चढ़ाव होने की संभावना बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें