आजमगढ़। मनरेगा योजना में संविदा और आउटसोर्सिंग पर काफी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं लेकिन इन कर्मचारियों को अब तक ईपीएफ का लाभ नहीं मिलता था। अब ग्राम्य विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने जुलाई के मानदेय से पीएफ कटौती करने का निर्देश जारी किया है।
गांवों से पलायन रोकने के लिए मनरेगा योजना की शुरूआत की। इसके तहत गांवों लोगों को 90 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का संचालन करने के लिए संबंधित कार्यालयों में संविदा व आउटसोर्सिंग से कर्मियों को नियत मानदेय पर नियुक्त किया गया। यह कर्मचारी कई वर्षों से काम तो कर रहे हैं लेकिन इनका ईपीएफ नहीं कटता था। जबकि केंद्र सरकार ने इन कर्मचारियों को ईपीएफ का लाभ देने का आदेश दिया था। इसके बाद भी यह कर्मचारी उसका लाभ पाने से वंचित थे। अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास विभाग मनोज कुमार सिंह ने जब इसकी समीक्षा की तो उन्हें इस बात का पता चला। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन जिलों में कर्मियों को ईपीएफ का लाभ नहीं मिलेगा, वहां के उपायुक्त श्रम रोजगार, प्रभारी उपायुक्त और बीडीओ का भी वेतन रोक दिया जाएगा। उनके इस निर्देश के बाद जनपद में इन कर्मचारियों के डाटा फीडिंग का कार्य शुरू हो गया है। जिसमें 1011 रोजगार सेवक, 165 टीए, 19 एपीओ और नौ एकाउंटेंट शामिल हैं।
अपर मुख्य सचिव की ओर से जुलाई माह से इन कर्मियों के ईपीएफ कटौती का निर्देश दिया गया है। जनपद में कुल 1204 कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा। जिसके लिए कर्मचारियों के डाटा फीडिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। - बीबी सिंह, डीसी मनरेगा।