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Azamgarh News: महिला बीएलओ की ड्यूटी में परिजनों की एंट्री, निर्वाचन प्रक्रिया पर उठे सवाल

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05 अतरैठ में बीएलओ सुनीता मौर्य के सहयोग में लगा बेटा प्रियांशु। वहीं, अतिरिक्त तीन और बीएलओ गि
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आजमगढ़। जिले में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य के दौरान लापरवाही सामने आई है। कई बूथों पर तैनात महिला बीएलओ की जगह उनके पति या अन्य परिजन ही घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन, फॉर्म भरने और दस्तावेजों की जांच का कार्य कर रहे हैं। इससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी ने एसआईआर की जिम्मेदारी 2600 महिला बीएलओ को सौंपी है जो इसका फाॅर्म भर रही हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से जिले के आठ लाख 775 मतदाताओं को डुप्लीकेट मतदाता के रूप में चिह्नित कर इसकी सूची जिला प्रशासन को सौंपी गई और इन मतदाताओं का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया।
इस निर्देश के बाद बीएलओ को लगाकर इस सूची का सत्यापन कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से मिल रही शिकायतों के अनुसार कई महिला बीएलओ या तो काम पर नहीं पहुंच रही हैं या फिर अपने पति, भाई, बेटे या अन्य परिजनों को अपना काम करने के लिए भेजती हैं। वहीं लोग मतदाताओं के घर जाकर दस्तावेज मांग रहे हैं और फॉर्म भर रहे हैं।
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चुनावी कार्य जैसे संवेदनशील और गोपनीय प्रक्रिया में यह तरीका गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला बीएलओ को जिम्मेदारी दी जाती है कि वे स्वयं मतदाता सूची से संबंधित कार्य करें, लेकिन परिवार के सदस्य यह काम कर रहे हैं, जिससे मतदाताओं की जानकारी का दुरुपयोग भी संभव है। कई बार परिजन मतदान क्षेत्र या दस्तावेजों के बारे में पूरी जानकारी नहीं रखते, जिसका असर सत्यापन प्रक्रिया पर पड़ रहा है।
बीएलओ सुनीता के साथ बेटा कर रहा सहयोग

बूढ़नपुर। मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य के दौरान अतरैठ क्षेत्र में बीएलओ सुनीता मौर्य के साथ उनका बेटा प्रियांशु मतदाता सत्यापन कार्य में सहयोग करते मिला। निर्वाचन आयोग के मुताबिक बीएलओ से संबंधित कार्य स्वयं नियुक्त अधिकारी द्वारा ही किया जाना चाहिए, लेकिन परिजनों की भागीदारी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है। हालांकि वहीं, इसी क्षेत्र में तीन अन्य बीएलओ गिरजा, सरिता और कौशिल्या भी मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य कर रही थीं।

मां की अनुपस्थिति में बेटा कर रहा काम

सरायमीर। मतदाता पुनरीक्षण अभियान के बीच सरायमीर नगर के महजनी टोला, वार्ड नंबर 8 में नियुक्त बीएलओ की जगह उनका बेटा काम कर रहा है। बूथ संख्या 235 की बीएलओ उत्तरा देवी की अनुपस्थिति में उनका बेटा धर्मेंद्र कुमार कश्यप उर्फ पिंटू कैंप में मतदाताओं का सत्यापन और फॉर्म भरते मिला। पूछने पर उन्होंने बताया कि मेरी मां की तबीयत खराब है, इसी कारण मैं उनकी जगह काम कर रहा हूं।
बीएलओ अपने घर पर बुलाकर कर रहीं काम

आजमगढ़। मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान कई क्षेत्रों में बीएलओ के नियम विरुद्ध तरीके अपनाए जाने की शिकायतें आ रही हैं। ताजा मामला एक बीएलओ से जुड़ा है, जो वोटरों के घर–घर जाकर सत्यापन करने के बजाय उन्हें अपने घर बुलाकर पहचान और दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि बीएलओ को प्रत्येक मतदाता के घर जाकर दस्तावेजों का मिलान करना होता है, ताकि सटीक और अद्यतन मतदाता सूची तैयार हो सके।
बीएलओ के साथ परिवार का कोई सदस्य कार्य कर रहा तो यह गलत नहीं है। इसके साथ ही वह राजनीतिक पार्टी व वालेंटियर का भी सहयोग लें सकती हैं। यह गलत तब होगा जब वह दूसरे का सहयोग लेकर कुछ गलत काम कर रहीं हों। गलत कार्य करने की शिकायत मिली तो संबंधित बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। - राहुल विश्वकर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी आजमगढ़।
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