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अभियान पर अतिक्रमण: 6 महीने में 466 स्थानों से हटवाए कब्जे, जो फिर हो गए; 7.80 लाख 750 रुपये जुर्माना भी वसूला

सार

वाराणसी में नगर निगम ने अप्रैल से 22 सितंबर तक अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर 466 स्थानों से कब्जे हटवाए। इस दौरान 7 लाख 80 हजार 750 रुपये जुर्माना भी वसूला गया। इसके बावजूद कई स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण हो गया। इससे शहर में जाम और अतिक्रमण की समस्या पहले की तरह बनी हुई है। अभियान की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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वाराणसी में सड़कों पर अतिक्रमण। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नगर निगम ने छह महीने में 466 स्थानों से अस्थायी अतिक्रमण हटवाए हैं। 7.80 लाख 750 रुपये जुर्माना भी वसूला, लेकिन अतिक्रमण अब भी जस के तस हैं। अप्रैल से 22 सितंबर 2026 तक शहर में अस्थायी अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया। 

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टीम अतिक्रमण हटाकर जैसे ही लौटी, वैसे ही अतिक्रमण करने वाले लौटकर आ गए। ठेले, खोमचा और टिन शेड लगा लिया। रविवार को पड़ताल की गई तो सच सामने आ गया। अभियान में हटवाए गए ठेले, खोमचे दोबारा लगे मिले। ई रिक्शा और ऑटो चालकों की मनमानी जारी है। दुकानदारों ने सामान पटरी और सड़क तक फैला रखा है।

शिकायतों का समाधान किया, समस्याओं का नहीं : नगर निगम ने अतिक्रमण से संबंधित शिकायतों का समाधान भी कर दिया है। स्मार्ट सिटी एप से 272, आईजीआरएस से 153 और लिखित रूप से 535 शिकायतें मिली थीं। इन सबका समाधान छह महीने में किए गए हैं। हर शिकायत का निस्तारण दर्शाया गया है लेकिन ज्यादातर जगहों पर अतिक्रमण पहले की तरह है। शिकायतों का समाधान हो गया पर समस्याएं पहले जैसी ही हैं। 

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1932 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त
निगम के आंकड़ों के अनुसार प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ अलग से कार्रवाई की गई है। वर्ष 2025-26 से बचा हुआ 2,906 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक नगर निगम के पास था। चालू वित्तीय वर्ष में 22 सितंबर तक 1,932 किलो और जब्त किया गया। इस तरह कुल स्टॉक 4,838 किलो दर्ज किया गया। सबसे अधिक जब्ती अगस्त में 859.2 किलो और जून में 625.3 किलो रही है। प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई से 3 लाख 2 हजार 900 रुपये की वसूली भी की गई है।

नगर निगम अतिक्रमण हटवाकर संबंधित थानों को सूचित कर देता है। पुलिस की भी जिम्मेदारी है कि अतिक्रमण दोबारा न लगने पाए। हालांकि नगर निगम लगातार अभियान चला रहा है। सड़कों के किनारे से अतिक्रमण हटाने के लिए फिर से सख्त अभियान चलाएंगे। - दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त

अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए सभी जोन के अधिकारियों, थानाध्यक्ष व थानाप्रभारियों को निर्देश दिए हैं। इन्हें समय पर भ्रमण कर निगरानी के लिए कहा गया है। अभियान जारी है। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई कराएंगे। - शिवहरि मीणा, अपर पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था
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केस 1: नगर निगम भले ही अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का आंकड़ा तैयार किया है लेकिन मौके की स्थिति अलग है। शहर के प्रमुख लंका चौराहे के चारों ओर रास्तों पर ठेले, ऑटो, ई रिक्शा और दुकानदारों का अतिक्रमण है। पूरे दिन जाम की स्थिति रहती है। बीएचयू के मुख्य द्वार पर ही सवारियों भरी जाती हैं। 

केस 2: सारनाथ स्थित रेडियो स्टेशन के फुटपाथ से बुधवार को ही अतिक्रमण हटवाया गया था लेकिन शुक्रवार से ही वहां फिर से ठेले लग गए। ठीक यही स्थिति सारनाथ, आशापुर चौराहे, पहड़िया, पांडेयपुर का है। अतिक्रमण से जाम लगा रहता है।

केस 3: कैंट स्टेशन के सामने सड़क के दोनों किनारों पर ठेले और वाहनों का कब्जा रहता है। ऑटो चालक सड़क पर खड़े होकर सवारी बैठाते हैं। रोडवेज बसें भी सड़क पर ही खड़ी रहती हैं। कई बार अतिक्रमण हटवाया गया। नगर निगम के साथ ही पुलिस अधिकारी पहुंचे लेकिन कोई समस्या का स्थायी समाधान नहीं मिल सका। अतिक्रमण और जाम की समस्या बनी हुई है। इससे यात्रियों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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