पल्हनी। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ अभियान के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रशासनिक भवन से भव्य ‘नारी शक्ति पदयात्रा’ के साथ हुई।
पदयात्रा में शामिल प्रतिभागियों के हाथों में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ एवं ‘नारी शक्ति-राष्ट्र की शक्ति’ जैसे प्रेरक संदेशों से युक्त तख्तियां और बैनर थे। इस दौरान एक विशाल मानव शृंखला का निर्माण किया गया, जिसने एकता, समानता और सामूहिक चेतना का सशक्त संदेश दिया।
कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि नारी शक्ति केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण धुरी है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनती हैं, तब समाज स्वतः प्रगतिशील बनता है।
इसके अतिरिक्त ‘नारी शक्ति दीवार’ पर विद्यार्थियों ने पोस्टर और स्लोगन के माध्यम से अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। पोस्टरों में महिलाओं के अधिकार, संघर्ष, उपलब्धियां, आत्मनिर्भरता और सामाजिक योगदान को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। प्रशासनिक भवन के प्रथम तल स्थित सेमिनार हॉल में ‘नारी शक्ति’ विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने शिक्षा, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व, सामाजिक न्याय एवं समानता जैसे विभिन्न विषयों को अपने पोस्टरों में उकेरा। कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि नारी शक्ति केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण धुरी है। कुलपति ने विश्वविद्यालय की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि छात्रों में समानता, सम्मान और संवेदनशीलता के संस्कार विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। संचालन कुल सचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र, प्रो. गीता सिंह एवं डॉ. देवेंद्र पांडे द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।