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Azamgarh News: ऊर्जा निगमों के निजीकरण का कर्मचारियों ने किया विरोध

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आजमगढ़। हाइडिल काॅलोनी स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में बुधवार को कर्मचारियों ने सभा की। इसमें पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के पीपीपी मॉडल पर किए जा रहे निजीकरण का विरोध किया।
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सभा को संबोधित करते हुए रैमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित डाॅ. संदीप पांडेय ने कहा कि सरकार विभिन्न सार्वजनिक संस्थाओं का निजीकरण करके अपनी नैतिक जिम्मेदारियों से पलायन करना चाहती है। निजीकरण के बाद निजी कंपनियां सार्वजनिक संसाधनों का दोहन कर पूंजीवाद का प्रभुत्व स्थापित कर रही है, जिसका दुष्परिणाम है कि सार्वजनिक क्षेत्र की सेवाएं दिन-प्रतिदिन महंगी होती जा रही हैं। कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहेगा तो एक दिन पूरा देश पूंजीपतियों के आधिपत्य में आ जाएगा। बहुराष्ट्रीय कंपनियाें के विरुद्ध किए गए अपने आंदोलनों के दौरान अपनी जेल यात्राओं को बताते हुए आंदोलनकारियों में उर्जा का संचार किया। कहा कि सभी बड़े उद्योग, संस्थान सरकारी नियंत्रण में होने चाहिए। देश में संविधान में निहित मूल अधिकारों के अनुपालन में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी, बिजली आदि जन उपयोगी सुविधाओं का निजीकरण किसी भी हाल में नहीं किया जाना चाहिए। अगर इनका निजीकरण करने का प्रयास किया जाएगा तो सड़क से संसद तक विरोध किया जाएगा। सभा की अध्यक्षता इंजी. चंद्रशेखर और संचालन प्रभु नारायण पांडेय प्रेमी ने किया। इस मौके पर वीरेंद्र सिंह यादव, राजीव यादव, उपेंद्र नाथ चौरसिया, धीरज पटेल, जय प्रकाश यादव आदि मौजूद थे।
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