अजय कुमार सिंह अपने कुछ दोस्तों संग आठ फरवरी को जम्मू घूमने के लिए जाने वाला था। उसके पास पैसे की किल्लत थी। पैसों की किल्लत ने इस 'वफादार' कर्मचारी को इतना अंधा कर दिया कि उसने मालिक का विश्वास तोड़ते हुए पूरी साजिश रची। दुकान बंद होने के बाद चुपके से लौटा, अपनी ही रखी चाबी से शटर खोला, लाखों के मोबाइल और टैबलेट साफ किए और बाहरी चोरी का ड्रामा करने के लिए दीवार तक तोड़ डाली।
सुबह होने पर जब वह दुकान पर पहुंचा तो मनोज को उसने दुकान में चोरी होने की खबर दी। तत्काल मनोज पहुंचा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर सीओ सिटी शुभम तोदी, शहर कोतवाल यादवेंद्र पांडेय व फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड टीम पहुंचकर जांच पड़ताल में जुट गई। दुकान मालिक मनोज कुमार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी की टीम ने आठ जनवरी की रात मोहटी घाट मंदिर के पास अजय को धर दबोचा। उसके पास से 14 स्मार्टफोन, तीन टैबलेट के अलावा एक तमंचा और कारतूस भी बरामद हुआ। दुकान मालिक मनोज कुमार अभी सदमे में हैं। 20 साल का भरोसा एक रात में चूर-चूर हो गया।
जम्मू ट्रिप का लालच पड़ा भारी...
विश्वास की नींव पर टिका 20 साल का रिश्ता एक रात में ढह गया। लालडिग्गी तिराहे पर मनोज कन्हैया मोबाइल दुकान के मालिक मनोज कुमार ने बलिया के भीमपुरा गांव निवासी अजय कुमार सिंह पर इतना भरोसा किया कि दुकान की चाबी तक सौंप दी। लेकिन 7 जनवरी 2026 की रात पैसों की किल्लत और जम्मू ट्रिप के लालच ने अजय को अपराधी बना दिया।