प्रदेश में शौचालय निर्माण में फिसड्डी चल रहे जनपद को प्रदेश के अन्य जनपदों की श्रेणी में शामिल करने के प्रयास में जुटे जिला प्रशासन की राह में ग्राम प्रधान और सचिव ही रोड़ा अटकाने में जुटे हुए है।
फूलपुर और पवई ब्लाक के 10 गावों में प्रधान और सेक्रेटरी शौचालयों की धन ही खा गए। शनिवार देर शाम हुई समीक्षा के बाद सरकारी धनराशि के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार में शामिल 10 ग्राम प्रधानों और सचिवों के खिलाफ जिलाधिकारी ने एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि 19 दिसंबर को फूलपुर में आयोजित समाधान दिवस में धन जारी होने के बाद अनिर्मित पाए गए शौचालयों को पूर्ण करने के लिए सचिवों और ग्राम प्रधानों को एक सप्ताह का समय दिया गया था।
शनिवार की शाम को जब इसकी समीक्षा की गई तो 15 जनवरी तक एमआईएस के अनुसार पवई विकास खंड के ग्राम पंचायत उफरी में 271 के सापेक्ष 131, सरैया खुर्द में 166 के सापेक्ष 27, बहाउद्दीनपुर-1 में 218 के सापेक्ष 47, शहराज में 35 के सापेक्ष शून्य और फूलपुर विकास खंड के डारीडीह में 180 के सापेक्ष 36, खरसहन खुर्द में 150 के सापेक्ष 24, ईशापुर में 279 के सापेक्ष 200, नूरपुर में 202 के सापेक्ष 181, मुहचुरा में 150 के सापेक्ष 36 और बरईपुर में 135 के सापेक्ष 109 शौचालयों के जीयो टैग अपलोड किए गए है।
शेष शौचालयों का या तो निर्माण ही नहीं कराया गया या सिर्फ गड्ढा खोदकर ही छोड़ दिया। प्रधान और सचिव ने धन का गबन कर लिया।
इस पर जिलाधिकारी ने शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह और जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र नाथ मिश्र की संस्तुति पर सभी 10 गांवों के ग्राम प्रधानों और सचिवों पर अपूर्ण शौचालय की धनराशि के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन न करने पर सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश सहायक विकास अधिकारी पंचायत को दिया।
साथ ही यह भी निर्देश दिया कि जिन विकास खंडों में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न मिले तो जांच कराकर दोषियों के विरुद्घ कार्रवाई कराएं।