आजमगढ़। सेक सूची से छूटे पात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से लाभान्वित करने के लिए आवेदनों की सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शासन की ओर से जनपद को 27001 आवासों के लक्ष्य को आवंटित किया गया है। 23 अक्तूबर तक विभाग को इस लक्ष्य के सापेक्ष गांवों में बैठक कर पात्रों की वरीयता तय करते हुए फीडिंग करनी है। इसके बाद धन मिलते ही आवासों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
केंद्र सरकार ने साल 2022 तक सभी लोगों को पक्का आवास उपलब्ध कराने का वादा किया है। सेक सूची के अनुसार जनपद प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से संतृप्त होने के बाद भी कई ऐसे लोग आवास योजना से वंचित हो गए थे जो योजना के लिए पात्र थे लेकिन सेक सूची में नहीं होने के कारण उनके आवास नहीं बन रहे थे। ऐसे लोगों से आवास एप पर पिछले वर्ष आवेदन लिए गए थे। जनपद से 1.62 लाख लोगों ने आवेदन किया था। चूंकि सामने पंचायत चुनाव थे इसलिए जनपद से आवेदन भी खूब कराए गए थे। शासन की ओर से जब इन आवेदनों का सत्यापन कराया गया था तो अपात्र भी खूब मिले। पिछले दिनों अभियान चलाकर 48800 से ज्यादा अपात्रों को डिलीट किया गया। लगभग 1.13 लाख लोग पात्र पाए गए।
सत्यापन के बाद शासन के निर्देश के बाद इसमें जॉब कार्ड की मैपिंग भी की चुकी है क्योंकि आवास बनाने पर पात्र को मनरेगा के तहत 90 दिन की मजदूरी भी दी जाती है। उसे आवास स्वयं बनाना होता है। अब शासन की ओर से पात्र पाए गए 1.13 लाख लोगों में 27001 लाख लोगों के आवास बनाने का लक्ष्य का आवंटन किया गया है। हालांकि ये ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। फिर भी कहा जारा है कि शेष लोगों के लिए आगे लक्ष्य का आवंटन होगा।
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तय होगा पात्रों का वरीयता क्रम
पात्र ज्यादा होने और लक्ष्य कम होने की दशा में अब ग्राम सभा में फिर से खुली बैठक का आयोजन कर पात्र लोगों का वरीयता क्रम तय किया जाएगा। इसके बाद सूची वरीयता क्रम में फीड की जाएगी। इसके लिए 23 अक्तूबर तक का वक्त तय किया गया है। मसलन किसी गांव में 100 लोग पात्र है और 25 लोगों का लक्ष्य है, तो तय किया जाएगा कि पहले किसे आवास की आवश्यकता है। इस आधार पर उनकी सूची बनाई और फीड की जाएगी।
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अब तक स्वीकृत हो चुके हैं 29328 आवास
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत में जनपद वर्ष 2017 से लेकर अब तक कुल 29328 लाभार्थियों का आवास स्वीकृत किया गया। इसमें 28991 लाभार्थियों का आवास पूर्ण हो चुका है। ये कुल स्वीकृति का 99 प्रतिशत है।
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8902 शहरी आवासों का नहीं शुरू हो पाया कार्य
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 16388 लाभार्थियों के आवास को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें से 8902 का कार्य अभी शुरू नहीं हो सका हैं। 5910 लाभार्थियों को पहली किश्त, 5663 लाभार्थियों को दूसरी किश्त जारी कर दी गई है। इसमें 5452 आवास पूर्ण हो चुके हैं। 201 लाभार्थी ऐसे हैं जिनकी जमीन विवादित होने के कारण निर्माण नहीं कराया जा सका है।
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पूर्व के प्रधानमंत्री आवास में 99 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में आवास प्लस योजना के लिए आवेदन किए 162506 लोगों में 1.13 लाख लोग पात्र मिले हैं। अभी 27001 लोगों का लक्ष्य दिया गया है। इसके सापेक्ष गांवों में खुली बैठक कर 23 अक्तूबर तक वरीयता तय करनी है। - अभिमन्यु कुमार सिंह, परियोजना निदेशक।